
• कोलकाता के जीआरएसई में आयोजित समारोह में आईएनएस दूनागिरी, आईएनएस अग्रय और आईएनएस संध्याक/संधायक को आधिकारिक तौर पर भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।
मुंबई, दिव्यराष्ट्र/ भारत में रक्षा क्षेत्र के लिए रेफ्रिजरेशन और एचवीएसी सिस्टम बनाने वाली सबसे बड़ी कंपनियों में से एक, श्री रेफ्रिजरेशन्स लिमिटेड ( एसआरएल SRL) ने रविवार को कोलकाता में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा नौसेना में शामिल किए गए तीन में से दो युद्धपोतों, यानी आईएनएस दूनागिरी और आईएनएस अग्रय के लिए मिशन-क्रिटिकल मरीन एयर-कंडीशनिंग प्लांट की आपूर्ति की है।
गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स ( जीआरएसई ) में आयोजित कमीशनिंग समारोह के दौरान आईएनएस दूनागिरी और आईएनएस अग्रय के साथ-साथ आईएनएस संध्याक को भी आधिकारिक तौर पर भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।
इन दोनों युद्धपोतों में लगाए गए एसी सिस्टम्स की सभी जांच पूरी तरह सफल रही और भारतीय नौसेना ने इन्हें अपनी सेवाओं में शामिल कर लिया है। इससे रक्षा क्षेत्र के लिए क्रिटिकल एचवीएसी सॉल्यूशन उपलब्ध कराने में एसआरएल की क्षमता और मज़बूत हुई है।
इस अवसर पर श्री रेफ्रिजरेशन्स लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, आर. जी. शेंडे ने कहा, “भारतीय नौसेना के इतिहास में ऐसा दूसरी बार हुआ है जब तीन युद्धपोतों को एक साथ नौसेना में शामिल किया गया है। इससे पहले यह ऐतिहासिक रिकॉर्ड जनवरी 2025 में बना था, जब आईएनएस नीलगिरी, आईएनएस सूरत और आईएनएस वाघशीर को एक साथ नौसेना में शामिल किया गया था। इस बड़ी उपलब्धि की अहमियत का अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि, दोनों ही मौकों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इन युद्धपोतों को नौसेना में शामिल किया। इससे पहले साल 2025 में तीन में से दो नौसैनिक प्लेटफ़ॉर्म, आईएनएस नीलगिरी और आईएनएस वाघशीर पर भी श्री रेफ्रिजरेशन्स के एसी प्लांट्स इंस्टॉल किए गए थे। दोनों ही मौकों पर नौसेना का हिस्सा बने तीन में से दो प्लेटफ़ॉर्म के लिए एसी प्लांट्स की आपूर्ति करना, हमारे लिए बड़े सम्मान और गर्व की बात है।”
शेंडे के अनुसार, यह कामयाबी एस आर एल के इस भरोसे को और मज़बूत करती है कि अब हमारे देश के मैन्युफैक्चरर्स भी सेना की सख्त जरूरतों के मुताबिक हर तरह के जटिल और मिशन-क्रिटिकल सिस्टम्स तैयार कर सकते हैं। इससे भारतीय उद्योगों की बढ़ती ताकत सामने आई है, साथ ही ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत देश को आत्मनिर्भर बनाने के सपने को पूरा करने में भी सहयोग मिला है।
श्री शेंडे ने आगे कहा, “बस एक दिन पहले ही हमने 50,000 वर्ग फुट के दायरे में फैली अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया है, जो हमारे प्रोडक्शन की क्षमता को दोगुने से भी ज़्यादा बढ़ाने वाली है। इससे इनोवेशन, अव्वल दर्जे की टेक्नोलॉजी और देश में ही मैन्युफैक्चरिंग पर ज्यादा जोर देते हुए भारतीय नौसेना और देश के रक्षा क्षेत्र को सहयोग देने के हमारे संकल्प को और मज़बूती मिली है।”





