बिजनेस
रांची/हजारीबाग। झारखंड देश का एक प्रमुख कोयला उत्पादक राज्य है। राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और ऊर्जा...
बेंगलुरु, 25 जून 2026: देश के कार्यकारी खोज और नेतृत्व के स्तर पर नियुक्ति से जुड़े (एग्जीक्यूटिव...
नामदेव फिनवेस्ट लिमिटेड (पूर्व में नामदेव फिनवेस्ट प्राइवेट लिमिटेड), जो टियर-II और टियर-III बाजारों में ग्राहकों को...
राष्ट्रीय, 17 जून 2026: टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस लिमिटेड (“कंपनी”) ने घोषणा की है कि उसके इक्विटी शेयरों...
New Delhi, June 2026. The 16th edition of the Mindmine Summit, Hero Enterprise’s flagship thought leadership platform,...
भारत की सबसे तेजी से बढ़ती पैकेज्ड मसाला कंपनियों में से एक पुष्प ब्रांड (इंडिया) लिमिटेड ने...
भारतीयरिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो दर को 5.25% पर बनाए रखने का निर्णय आर्थिक विकास को समर्थन देने और साथ ही उभरते मुद्रास्फीति दबावों के प्रति सतर्क रहने के प्रति एक संतुलित एवं विवेकपूर्ण दृषकोण को दर्शाता है। अपने तटस्थ (न्यूट्रल) नीतिगत रख को बरकरार रखते हुए, मौद्रिक नीति समति (MPC) ने यह संकेत दिया है कि वह आगे कोई नीतिगत कदम उठाने से पहले घरेलू एवं वश्विक घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखना पसंद करेगी। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 (FY27) के लिए अपने सीपीआई मुद्रास्फीति अनुमान को बढ़ाकर 5.1% कर दिया है और जीडीपी विकास अनुमान को घटाकर 6.6% कर दिया है, जिसमें भू–राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊँची कीमतों, आपूर्ति शृखला में व्यवधानों, रुपये में उतार–चढ़ाव, तथा मौसम संबंधी अनिश्चितताओं—जिनमें सामान्य से कम मनसून और अल नीनो स्थितियों का जखिम शामिल है – से उत्पन्न चुनौतियों को रेखांकित किया गया है। इन प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, भारत की घरेलू माँग सुदृढ़ बनी हुई है। टियर 2, टियर 3 और ग्रामीण बाज़ारों में संचालन करने वाले व्यवसायों के लिए, नीतिगत स्थिरता वह विश्वास प्रदान करती है जो एक अनिश्चित आर्थिक वातावरण में निवेश की योजना बनाने, परिचालन का विस्तार करने और विकास के अवसरों को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) लगातार बढ़ती लागत, निरंतर मुद्रास्फीति दबावों, मौसमी व्यावसायिक उतार–चढ़ावों और कार्यशील पूँजी की बाधाओं से जूझ रहे हैं, जिससे ऋण तक पूर्वानुमानित पहुँच पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। आरबीआई का आँकड़ों पर आधारित और संतुलित दृष्टिकोण उन व्यवसायों को अत्यंत आवश्यक निश्चितता प्रदान करता है जो विकास को बनाए रखने और सुदृढ़ता निर्माण पर केंद्रित हैं। एक स्थिर ब्याज दर वातावरण हमारे डीएफआई (विकास वित्त संस्थान) उधारों पर कुशल वित्तपोषण और अनुकूल हेजिंग लागत को भी समर्थन देता है, जिससे हम प्रतिस्पर्धी मूल्य पर उपलब्ध पूँजी के लाभ उन उद्यमियों और छोटे व्यवसायों तक पहुँचा पाते हैं जिनकी हम सेवा करते हैं। नामदेव फिनवेस्ट में, हम वंचित एवं उभरते बाज़ारों में लगातार मज़बूत ऋण माँग देख रहे हैं। हम जिम्मेदार, सुलभ और टिकाऊ वित्तपोषण समाधान प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो उद्यमियों और छोटे व्यवसायों को आत्मविश्वास के साथ विकास करने तथा भारत के आर्थिक विकास में सार्थक योगदान देने के लिए सशक्त बनाते हैं।
5 जून, मुंबई, 2026: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, भारत के सबसे बड़े स्मॉल फाइनेंस बैंक...






