
नई दिल्ली, दिव्यराष्ट्र:/ राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति दिल्ली की 124वीं बैठक बुधवार को नई दिल्ली के हयात रीजेंसी में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता दिल्ली सरकार के प्रधान सचिव संतोष वैद्य तथा पंजाब नेशनल बैंक के कार्यकारी निदेशक एम. परमासिवम ने की।
बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक नई दिल्ली के क्षेत्रीय निदेशक सरदा प्रसन्न मोहंती, दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम की प्रबंध निदेशक नाजुक कुमार, दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त रजनीश गुप्ता, वित्तीय सेवा विभाग के संयुक्त सचिव एम.एम. अय्यप्पन तथा नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक नबीन रॉय सहित बैंकिंग एवं प्रशासनिक क्षेत्र के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का संचालन एसएलबीसी संयोजक एवं महाप्रबंधक देबार्चन साहू ने किया। विभिन्न बैंकों के राज्य प्रमुखों और वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
बैठक के दौरान प्रधान सचिव संतोष डी. वैद्य ने पीएम सूर्य घर योजना तथा विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा की। वहीं, एम.एम. अय्यप्पन ने ऋण वितरण प्रक्रियाओं में टर्नअराउंड टाइम में सुधार करने की आवश्यकता पर बल दिया।
आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक सरदा प्रसन्न मोहंती ने कहा कि एसएलबीसी के साथ समन्वय स्थापित कर बैंकिंग क्षेत्र में एमएसएमई विकास की सतत निगरानी की जाएगी। [citation]
डीएसआईआईडीसी की प्रबंध निदेशक नाजुक कुमार ने बैठक में दिल्ली राज्य की डीसीजीएस योजना की जानकारी दी, जिसके अंतर्गत 95 प्रतिशत सीजीटीएमएसई कवरेज उपलब्ध है। उन्होंने बैंकों से पात्र लाभार्थियों को अधिकाधिक ऋण सुविधा प्रदान करने का आग्रह किया और कहा कि इससे उद्यमिता एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त रजनीश गुप्ता ने बढ़ते साइबर फ्रॉड और “डिजिटल अरेस्ट” जैसे ऑनलाइन अपराधों के प्रति बैंकरों को जागरूक किया। उन्होंने ग्राहकों को सतर्क करने तथा साइबर वित्तीय अपराधों की रोकथाम के लिए प्रभावी उपाय अपनाने का आह्वान किया।
बैठक में वित्तीय समावेशन, सरकारी योजनाओं की प्रगति, बैंकिंग क्षेत्र की चुनौतियों और विकासात्मक पहलों की समीक्षा की गई। साथ ही सरकार, आरबीआई, नाबार्ड, दिल्ली पुलिस और बैंकिंग क्षेत्र के बीच समन्वय को और मजबूत बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक का समापन नागरिकों को सुरक्षित, सुलभ और प्रभावी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने तथा सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए साझा सहयोग की प्रतिबद्धता के साथ हुआ।





