
मुंबई, दिव्यराष्ट्र:/ नारायणा हृदयालय लिमिटेड (नारायणा हेल्थ) और न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) ने नॉलेज-शेयरिंग साझेदारी की है। इसके तहत नारायणा हेल्थ अपने अनुभव और विशेषज्ञता को साझा करके एनडीबी और उसके सदस्य देशों को स्मार्ट अस्पतालों की क्षमता मजबूत करने में सहयोग करेगा। इसमें तकनीक आधारित, बेहतर और मरीज-केंद्रित अस्पताल सेवाओं को विकसित करने पर जोर रहेगा।
एनडीबी और नारायणा हेल्थ के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर एनडीबी की प्रेसिडेंट डिल्मा रूसेफ और नारायणा हेल्थ के फाउंडर एवं चेयरमैन डॉ. देवी शेट्टी ने जयपुर में हस्ताक्षर किए। इस दौरान भारत के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग की सचिव और एनडीबी में भारत की अल्टरनेट गवर्नर श्रीमती अनुराधा ठाकुर भी मौजूद रहीं। यह एमओयू पहले ब्रिक्स फाइनेंस मिनिस्टर्स और सेंट्रल बैंक गवर्नर्स मीटिंग के दौरान साइन किया गया।
एनडीबी और नारायणा हेल्थ के बीच सहयोग के तहत डिजिटल हेल्थ, डेटा सिस्टम, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और नॉलेज शेयरिंग जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा।
एनडीबी की प्रेसिडेंट डिल्मा रूसेफ ने कहा, “यह एमओयू एनडीबी और नारायणा हेल्थ के बीच एक संस्थागत साझेदारी है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हेल्थकेयर में उत्कृष्टता, इनोवेशन, दक्षता और किफायती इलाज एक साथ संभव हों, बल्कि इन्हें एक साथ होना ही चाहिए। आज एमओयू पर हस्ताक्षर होना सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने की एनडीबी की प्राथमिकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
इस साझेदारी पर नारायणा हेल्थ के फाउंडर और चेयरमैन डॉ. देवी शेट्टी ने कहा, “इस नॉलेज-शेयरिंग साझेदारी के जरिए हम एनडीबी और उसके सदस्य देशों के साथ मिलकर उभरती अर्थव्यवस्थाओं में मजबूत और तकनीक आधारित हेल्थकेयर सिस्टम तैयार करने में सहयोग करने की उम्मीद करते हैं।”
मार्च 2026 में बेंगलुरु स्थित नारायणा हेल्थ सिटी के दौरे के दौरान डिल्मा रूसेफ ने मरीज-केंद्रित देखभाल और आधुनिक डिजिटल तकनीकों के जरिए किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के संस्थान के प्रयासों को देखा था।




