February 12, 2026
मुंबई, 28 फरवरी 2024 : कोविड के बाद के दौर में भारतीयों में यात्रा के रूझान बहुत अधिक बढ़ गए हैं। इन सकारात्मक रूझानों के बीच बैगेज खोने का खतरा हमेशा रहता है। वास्तव में एयर ट्रांसपोर्ट कम्युनिकेशन एवं आईटी में दुनिया की विशेषज्ञ एसआईटीए की रिपोर्ट के अनुसार 2022 के दौरान लगेज के 26 मिलियन पीस खो गए, या खराब हो गए या इनके गंतव्य तक पहुंचने में देरी हुई। यह कैसे काम करता है ऽ 7 अप्रैल 2024 से पहले यात्रा के लिए 21 मार्च 2024 से पहले अडवान्स में वी इंटरनेशनल रोमिंग पैकबुक करें और अपनी यात्रा के लिए मुफ्त ब्लू रिब्बन बैग्स सर्विस पाएं। ऽ इंटरनेशनल रोमिंग प्लान्स- 3999 में 10 दिन, 4999 में 14 दिन, 5999 में 30 दिन- के लिए उपलब्ध ऽ उड़ान लेने से पहले ब्लू रिब्बन बैग्स के साथ रजिस्टर करें ऽ एयरपोर्ट पर अपना बैग चैक इन करें . अगर आपका बैग एयरलाईन से खो जाता है या इसके मिलने में देरी होती है तो लैंडिंग के 24 घण्टे के भीतर एयरलाईन और ब्लू रिब्बन बैग्स को रिपोर्ट दर्ज करें। . ब्लू रिब्बन बैग्स अपने ग्लोबल नेटवर्क एवं टेक्नोलॉजी के ज़रिए आपका बैग टै्रक करेगा। अगर 4 दिनों के अंदर आपका बैग वापस नहीं मिलता है तो आपको बिना सवाल पूछे गांरटी से रु 19800 प्रति बैग की क्षतिपूर्ति देगा। ऐसे में यात्रा के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए बैगेज का सही प्रबन्धन ज़रूरी हो गया है। यात्रियों के बैगेज की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। इस बीच जानी-मानी दूरसंचार सेवा प्रदा वी यूएस की लोस्ट बैगेज कंसीयज सर्विस कंपनी ब्लू रिब्बज बैग्स के साथ साझेदारी करने वाली पहली कंपनी बन गई हे, जो वी के पोस्टपेड इंटरनेशनल यात्रियांं को यात्रा का चिंतामुक्त अनुभव प्रदान करेगी।...
नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज और रिलायंस फाउंडेशन ने आज अपने वंतारा (जंगल का सितारा) कार्यक्रम के शुभारंभ...