गुजरात तथा जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी और निवेश के नए अवसरों पर चर्चा
जापान उगते सूर्य का देश है और गुजरात उभरते अवसरों की भूमि है : संघवी*
सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में निवेश करने के लिए जापानी उद्योगपतियों से आह्वान
उप मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ओसाका में 11 वन-टू-वन बैठकें और 1 राउंडटेबल कॉन्फ्रेंस; वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के लिए आमंत्रण
गांधीनगर, दिव्यराष्ट्र:/ वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट अंतर्गत जापान यात्रा पर गए राज्य के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने आज ओसाका में जापान के अग्रणी उद्योगपतियों तथा निवेशकों के साथ एक उच्च स्तरीय ‘इन्वेस्ट इन गुजरात’ राउंडटेबल बैठक आयोजित की। गुजरात तथा जापान के बीच आर्थिक संबंधों को नई ऊँचाइयों तक ले जाने और परस्पर समृद्धि के लिए रणनीतिक साझेदारी को अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से इस बैठक का आयोजन किया गया।
राउंडटेबल कॉन्फ्रेंस में उपस्थित वैश्विक उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी तथा सरदार पटेल की भूमि गुजरात की ओर से उनका हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कहा कि जापान उगते सूर्य का देश है और गुजरात उभरते अवसरों की भूमि है। भारत एवं जापान के बीच केवल व्यापारिक संबंध ही नहीं हैं; बल्कि दोनों देश परस्पर विश्वास, सम्मान और मूल्यों के साथ-साथ साझा संस्कृति भी रखते हैं। दोनों देशों की मित्रता सदियों पुरानी है और आज हमारे सामने विकास के असीमित नए अवसर उपलब्ध हैं।
गुजरात की आर्थिक क्षमता एवं औद्योगिक गतिशीलता के आँकड़े प्रस्तुत करते हुए उप मुख्यमंत्री संघवी ने कहा कि देश की केवल 5 प्रतिशत जनसंख्या वाला गुजरात भारत की जीडीपी में 8 प्रतिशत से अधिक का योगदान देता है। देश के कुल औद्योगिक उत्पादन में गुजरात की हिस्सेदारी 18 प्रतिशत है, जबकि भारत के कुल निर्यात का लगभग एक-तिहाई (1/3) निर्यात अकेले गुजरात से होता है। इसके अतिरिक्त; भारत के कुल कार्गो हैंडलिंग का 40 प्रतिशत हिस्सा गुजरात के बंदरगाहों के माध्यम से संचालित होता है और राज्य की 65 प्रतिशत ऊर्जा नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त होती है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि गुजरात यानी ‘स्पीड, स्केल और स्टेबिलिटी’। गुजरात में निर्णय तेजी से लिए जाते हैं और नीतियाँ अत्यंत पारदर्शी एवं स्पष्ट हैं। गुजरात पूरे भारत का प्रवेश द्वार है और भारत दुनिया के लिए प्रवेश द्वार है।
जापान तथा गुजरात के बीच संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने जोड़ा कि सुजुकी, बुलेट ट्रेन परियोजना और जापानी औद्योगिक पार्क यह सिद्ध करते हैं कि जापान गुजरात में पहले से ही अपने घर जैसा माहौल महसूस करता है। भविष्य के विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (ईवी) और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे भविष्य के अत्याधुनिक क्षेत्रों का केन्द्र आज गुजरात बन रहा है। जापान के पास अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी है और गुजरात के पास उत्कृष्ट प्रतिभा है; दोनों की शक्तियाँ मिलकर वैश्विक स्तर पर नेतृत्व प्रदान कर सकती हैं।