
जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ शेखावाटी क्षेत्र के चूरू निवासी हनुमान कोठारी किसी परिचय के मोहताज़ नहीं है। बियासी वर्षीय हनुमानजी चूरू की सार्वजनिक गतिविधियों के प्राण रहे है। सन 1953-54 और 55-56 में लोहिया कॉलेज छात्र संघ के अध्यक्ष रहे हनुमान कोठारी की राजनीति सोशलिस्ट पार्टी से शुरू हुई थी। 1964 में महंगाई के विरोध में
हुए भारत बंद के दौरान जब चूरू में कुशल सिंह ,प्रदीप शर्मा, माधव शर्मा और कमलेश व्यास आदि को पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया तो चूरू के आंदोलन की कमान हनुमान कोठरी ने संभाली थी। बाद में 1969 में जब अशोक मेहता राष्ट्रीय स्तर पर समाजवादियों के एक बड़े धड़े के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए तो हनुमानजी भी उनके साथ कांग्रेस में चले गए। वरिष्ठ स्तंभकार बालमुकुंद ओझा के अनुसार दो बार नगर परिषद् के सदस्य रहे हनुमानजी को 1970 में जब कांग्रेस ने नगरपालिका अध्यक्ष पद के लिए मनोनीत किया तो उन्होंने अंतिम समय अपना परचा वापिस लेकर अपने पुराने समाजवादी साथी माधव शर्मा को सभापति बनवा दिया। कांग्रेस में इंदिरा गाँधी से लेकर राजीव गाँधी और विभिन्न मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं के चूरू आगमन पर हुई सभाओं का सफल सञ्चालन हनुमानजी ने किया। हरदिल अज़ीज़ हनुमानजी ने वक़्त बेवक़्त अपनी पुरानी समाजवादी पार्टी की आर्थिक मदद करने में भी कभी संकोच नहीं किया। मेरे पर भी उनका अपार स्नेह रहा है। शरीर से जरूर कमजोर दिखे मगर उनकी सोच अभी भी युवा है और राष्ट्रीय हितों के प्रति उनका नजरिया व्यापक रूप से सकारात्मक है।



