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सीआईआई-आईजीबीसी का नवनिर्वाचित राष्ट्रीय नेतृत्व भारत के हरित और नेट-जीरो भवन निर्माण आंदोलन को देगा बढ़ावा

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मुंबई/दिव्यराष्ट्र: भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई)- इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) ने वर्ष 2024-2026 के लिए अपने नए पदाधिकारियों का चुनाव किया है। ब्लू स्टार लिमिटेड के प्रबंध निदेशक बी त्यागराजन ने सीआईआई-आईजीबीसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की भूमिका संभाली है। वह राजको मेटल इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, गुरमीत सिंह अरोड़ा का स्थान लेंगे। इसके अलावा, सीएसआर एस्टेट्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, सी. शेखर रेड्डी ने सीआईआई-आईजीबीसी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पदभार संभाला है।

इमारतों और समुदायों के परिवर्तन के लिए एक सामूहिक दृष्टिकोण के साथ, त्यागराजन और रेड्डी संसाधन खपत में कमी और कार्बन उत्सर्जन को कम करने पर विशेष ध्यान देने के साथ भारत में ग्रीन बिल्डिंग आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। इस नेतृत्व का उद्देश्य है, राष्ट्र में पर्यावरण-अनुकूल विकास की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए इमारतों के कार्बन पदचिह्न को कम करने और वहनीय निर्माण प्रथाओं में तेज़ी लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाना।

नव-निर्वाचित नेतृत्व का प्राथमिक उद्देश्य है, मौजूदा और नई इमारतों के साथ-साथ निर्मित वातावरण में निहित और परिचालन कार्बन उत्सर्जन दोनों में पर्याप्त कमी लाना। रणनीतिक साझेदारी और सहयोगात्मक प्रयासों के माध्यम से उनका लक्ष्य है, रियल एस्टेट और उत्पाद निर्माण क्षेत्रों में बदलाव लाना, नवोन्मेष को बढ़ावा देना, हरित भारत के लिए नए मानक स्थापित करना और 2030 तक हरित भवन और निर्मित पर्यावरण पदचिह्न को दोगुना करना।

नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष बी त्यागराजन ने अपने लक्ष्यों के बारे में कहा, “हम इमारतों के कार्बन पदचिह्न में प्रमुख योगदानकर्ताओं से निपट कर हरित भवन प्रथाओं की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हाल में, कूलिंग की मांग में काफी बढ़ोतरी हुई है और भारतीय एचवीएसी बाजार के आकार में 2030 तक लगभग 16% सीएजीआर की दर से बढ़ोतरी की उम्मीद है। हमारा उद्देश्य है, परिचालन उपकरणों की दक्षता में सुधार करना और कम कार्बन कूलिंग प्रणालियों को अपनाने को बढ़ावा देना। ग्रीनप्रो इको-लेबल वाले बिल्डिंग उत्पादों को पूरे देश में उपलब्ध कराए जाने के साथ, मेरा मानना है कि हम उद्योग हितधारकों को वहनीयता अपनाने के लिए प्रेरित कर सकते हैं और भारत को 2070 तक नेट-जीरो कार्बन हासिल करने वाले अग्रणी देशों में से एक बनने में मदद कर सकते हैं।”

नवनियुक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, सी शेखर रेड्डी ने कहा, “हमारे पास 350 से अधिक संगठन हैं जो आईजीबीसी के नेट-ज़ीरो – ऊर्जा, जल, अपशिष्ट और कार्बन रेटिंग सिस्टम के माध्यम से नई और मौजूदा इमारतों के लिए नेट-ज़ीरो स्थिति प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा मानना है कि 2030 तक ग्रीन बिल्डिंग पदचिह्न को दोगुना कर और पिरामिड के निचले हिस्से को संबोधित कर, भारतीय भवन क्षेत्र हमारे देश के प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ाने के लिए अपने वहनीयता से जुड़े प्रयासों को तेज़ कर सकता है।

सीआईआई-सोहराबजी गोदरेज ग्रीन बिज़नेस सेंटर, हैदराबाद में स्थित सीआईआई-आईजीबीसी, पूरे देश में वहनीय प्रथाओं को बढ़ावा देने में सबसे आगे रहा है।

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