
विकसित भारत @2047 हेतु शिक्षा- अभियान को देशव्यापी विस्तार देने का निर्णय
• राष्ट्रीय प्रांत संयोजक बैठक संपन्न, ज्ञान सभाओं और अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन की घोषणा
• सीबीएसई के त्रिभाषा सूत्र पर प्रस्ताव पारित,
जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली की राष्ट्रीय प्रांत संयोजक बैठक शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के तत्वावधान में श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी महिला विश्वविद्यालय, 31 मई 2026 को पुणे में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। राजस्थान क्षेत्र सह संयोजक नितिन कुमार जैन ने बताया कि तीन दिवसीय इस बैठक में देशभर के 40 से अधिक प्रांतों से आए 200 से अधिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों एवं पदाधिकारियों ने सहभागिता की। बैठक में संगठनात्मक विषयों, राष्ट्रीय शिक्षा नीति, भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतीय भाषाओं, वैदिक गणित, शोध, शिक्षक शिक्षा, चरित्र निर्माण तथा शिक्षा के विविध आयामों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया और आगामी कार्ययोजना निर्धारित की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास आगामी समय में देशभर के 15 से अधिक प्रांतों में “ज्ञान सभाओं” का आयोजन करेगा। इन सभाओं के माध्यम से शिक्षा, समाज एवं राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर जनजागरण तथा सार्थक संवाद को गति प्रदान की जाएगी।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि “विकसित भारत @2047 हेतु शिक्षा” विषय पर देशव्यापी अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत उद्योगपतियों, शिक्षाविदों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, संस्थाओं के प्रमुखों तथा समाज जीवन के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों को साथ लेकर प्रत्येक क्षेत्र में समितियों का गठन किया जाएगा। ये समितियाँ विकसित भारत के निर्माण में शिक्षा की भूमिका को केंद्र में रखकर कार्य करेंगी तथा ठोस कार्ययोजनाओं का निर्माण एवं क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगी।
जयपुर प्रांत अध्यक्ष डॉ राजीव सक्सेना ने बताया कि न्यास ने यह भी निर्णय लिया कि आगामी 1 अगस्त को देशभर के प्रमुख शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं एवं समाज के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों की सहभागिता तथा दत्तात्रेय होसबाले की अध्यक्षता में “विकसित भारत हेतु शिक्षा” विषय पर एक राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा अभियान को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक गति प्रदान की जाएगी।
साथ ही शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास अपने स्थापना दिवस 2 जुलाई के अवसर पर देशभर के 100 से अधिक प्रमुख नगरों में विविध कार्यक्रमों का आयोजन करेगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षा के भारतीय दृष्टिकोण, राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा समाज-आधारित शिक्षा की अवधारणा के संबंध में व्यापक जनजागरण किया जाएगा।
महिला नेतृत्व के सशक्तीकरण तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनकी भूमिका को केंद्र में रखते हुए आगामी अक्टूबर माह में जिम कॉर्बेट में एक अंतरराष्ट्रीय महिला सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इस सम्मेलन में अब तक 20 से अधिक देशों से शिक्षा क्षेत्र में सक्रिय महिला नेतृत्व की सहभागिता सुनिश्चित हो चुकी है। शिक्षा जगत में महत्वपूर्ण योगदान देने वाली महिलाओं का यह एक विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन होगा।
बैठक में आगामी दिसंबर माह तक शिक्षा से आत्मनिर्भरता, तकनीकी शिक्षा, वैदिक गणित, प्रचार-प्रसार, चरित्र निर्माण, पर्यावरण संरक्षण तथा शिक्षा से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्रीय स्तर की बैठकों एवं कार्यशालाओं के आयोजन का भी निर्णय लिया गया।
राष्ट्रीय प्रांत संयोजक बैठक में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित करते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा त्रिभाषा सूत्र के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्णय का स्वागत किया गया। प्रस्ताव में कहा गया कि त्रिभाषा सूत्र भारतीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन तथा राष्ट्रीय एकात्मता को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास की राष्ट्रीय प्रांत संयोजक बैठक श्रीमती नाथीबाई दामोदर ठाकरसी महिला विश्वविद्यालय, पुणे में प्रारंभ। बैठक में विशेषरूप से न्यास के कोषाध्यक्ष सुरेश गुप्ता जी, आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो राजीव प्रकाश जी, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष प्रो दीपक श्रीवास्तव जी, केंद्रीय विश्वविद्यालय बिलासपुर के कुलपति प्रो आलोक चक्रवाल जी, राजुल गज्जर जी, कुलपति प्रो पीयूष रंजन जी, प्रो वाजपेयी जी, राजेश वर्मा जी, राजेंद्र कुरारिया जी, संयोजक ए विनोद जी, सह सचिव सविता सेंगर जी सहित देशभर से आए अनेक पदाधिकारियों एवं शिक्षाविदों ने सहभागिता की।
बैठक में राजस्थान से 11 कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर विभिन्न दायित्वों की भी घोषणा की गई। जयपुर प्रांत अध्यक्ष डॉ. राजीव सक्सेना को राष्ट्रीय संचालन समिति के सदस्य के रूप में लिया गया, चंद्रशेखर कच्छावा को भारतीय ज्ञान परंपरा विषय का राष्ट्रीय संयोजक, तथा पूर्व आयुक्त, कॉलेज शिक्षा, ओम प्रकाश बैरवा को “विकसित भारत हेतु शिक्षा” विषय का क्षेत्र संयोजक, अजमेर के अमित शास्त्री को चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास विषय का क्षेत्र संयोजक का दायित्व प्रदान किया गया।
बैठक के समापन अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का आधार शिक्षा है तथा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास समाज के सभी घटकों को साथ लेकर भारत-केंद्रित, मूल्यनिष्ठ एवं राष्ट्रोन्मुख शिक्षा व्यवस्था के निर्माण हेतु सतत कार्य करता रहेगा। वार्ता में प्रो राजीव सक्सेना, नितिन कुमार जैन, डॉ ओम प्रकाश बैरवा, डॉ मनमोहन सिंह, धर्मवीर फौजदार, गोविंद महर्षि एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।




