

सुरों में डूबा जयपुर: ‘गुजरा हुआ जमाना’ ने जगाई यादों की महफ़िल, हर दिल ने गुनगुनाया
दिव्य राष्ट्र, जयपुर, 18 अप्रैल। जयपुर में आज जैसे ही शाम ढली, महाराणा प्रताप ऑडिटोरियम सुरों की रोशनी से जगमगा उठा और ‘गुजरा हुआ जमाना – आता नहीं दुबारा’ ने जयपुर को एक ऐसी संगीतमय यात्रा पर ले गया, जहाँ हर धुन में यादें थीं, हर गीत में एहसास। शहर के संगीत प्रेमियों से खचाखच भरे सभागार में तालियों, मुस्कुराहटों और गुनगुनाहट का सिलसिला देर रात तक चलता रहा।
इस खास संध्या में ग्रैमी अवॉर्ड विजेता और पद्म भूषण से सम्मानित पंडित विश्वमोहन भट्ट की गरिमामयी उपस्थिति ने सुरों की इस शाम को और भी प्रतिष्ठा प्रदान की। डॉ. प्रकाश छबलानी की परिकल्पना में सजे इस आयोजन ने जयपुर की समृद्ध संगीत परंपरा को एक जीवंत उत्सव का रूप दे दिया। कार्यक्रम की शुरुआत हाल ही में हुए आशा भोंसले जी के निधन के शोक में एक भजन ‘तुम्हारा मन दर्पण हो जाए’ के साथ हुई।
मंच पर जब एक के बाद एक सदाबहार धुनें बिखरीं, तो श्रोताओं का दिल जैसे बीते दौर में लौट गया। ‘ना मुँह छुपा के जियो’ की आत्मीयता, ‘जाने वो कैसे लोग थे’ की संवेदनशीलता, ‘मैं ज़िंदगी का साथ निभाता चला गया’ की बेफिक्री, ‘एक प्यार का नगमा है’ की गहराई और ‘गुलाबी आँखें’ की चंचलता ने माहौल को रंगीन बना दिया। वहीं ‘तुम मिले दिल खिले’, ‘लाल इश्क’ और ‘होश वालों को खबर क्या’ जैसी प्रस्तुतियों ने नई पीढ़ी के सुरों को भी उसी खूबसूरती से पिरोया। हर प्रस्तुति के साथ दर्शक कभी तालियों की गूंज में खो गए, तो कभी खुद ही गीतों को गुनगुनाने लगे—मानो पूरा सभागार एक सुर में बंध गया हो। शहर के प्रतिष्ठित कलाकार—प्रो. डॉ. सुमन यादव, संजय रायज़ादा, सुमंत मुखर्जी, ममता झा, सोनिया बिरला, सुप्रिया केसवानी, के.के. एवं रजनी ठाकुर, विक्रम सिंह, सुनील शर्मा, यशवर्धन सिंह, गरिमा वर्मा और डॉ. बबीता—ने अपनी सुरीली आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से इस शाम को अविस्मरणीय बना दिया। वहीं मंच का संचालन शिल्पा, वेदिका और वर्णिका परवानी द्वारा किया गया।
आयोजकों के अनुसार, यह केवल एक संगीत का कार्यक्रम नहीं, बल्कि एहसासों का उत्सव था जिसने बीते दौर की मधुरता और आज की ताजगी को मिलकर एक ऐसा संगीत रचा कि हर दिल में इस शाम की गूंज लंबे समय तक रहेगी। जयपुर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह शहर सिर्फ गुलाबी रंग के लिए नहीं, बल्कि सुरों की गहराई और संगीत की आत्मा के लिए भी जाना जाता है।





