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मृद्मिता ने अपने हौसलों को दी नई उड़ान, समाज के लिए प्रेरणा बन गई मृद्मिता

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नई दिल्लीमई 2024.

ये कदम जब चल दिए मंजिल पाने की ओर, तो फिर रास्तों की मुश्किलों की किसको परवाह ! असम के लखीमपुर की रहने वाली मृद्मिता देवली की बस यही कहानी है। लोगों को सुन्दर बनाने का ख्वाब लेकर अपने जीवन में कुछ नया करने वाली मृदमिता ने कॉस्मेटोलॉजी स्किल्स में सभी को प्रभावित किया है। 12वीं पास मृद्मिता आज आईटीआई की पढ़ाई करते हुए अपने सपनों को साकार करने की दिशा में निरन्तर आगे बढ़ रही है। आज मृद्मिता अपने कठिन परिश्रम और लगन से सुनहरे भविष्य का निर्माण करते हुए इंडियास्किल्स के मंच तक आ पहुँची है। पिताजी की प्रेरणा ने मृद्मिता के अन्दर एक नया जोश और जज्बा पैदा किया है। इसी का परिणाम है कि आज मृद्मिता अपने परिवार और जिले का नाम रोशन कर रही हैं।

मृद्मिता का सपना था कि वह युवाओं को स्टाइलिश बनाए ताकि अन्य लोग देखकर उसके काम से प्रभावित हों। आज मृदमिता कॉस्मेटोलॉजी सेक्टर में अलग-अलग ब्यूटी थेरपी के जरिए चेहरे, बालों और पूरे शरीर को खूबसूरत बना रही हैं। मृद्मिता को असम सेक्टर डेवलपमेन्ट (एएसडी) ने आगे बढ़ने की एक नई राह दिखाई है।

मृद्मिता अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और एनएसडीसी को देती है। मृद्मिता के पिता ने उन्हें कॉस्मेटोलॉजी में अपना भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए निरन्तर प्रेरित किया है। अपने माता-पिता से मिले अच्छे आचरण  और मार्गदर्शन में मृद्मिता ने इंडियास्किल्स प्रतियोगिता में पहुंचकर आज अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के अन्तर्गत राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) 15 मई से 19 मई तक यशोभूमि कन्वेंशन सेन्टर, द्वारका, दिल्ली में इंडियास्किल्स प्रतियोगिता का आयोजन कर रहा है। विश्व की सबसे बड़ी कौशल प्रतियोगिता के एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म पर पहुंचकर मृद्मिता गौरवान्वित महसूस कर रही है। मृद्मिता कहती हैं कि “इंडियास्किल्स एक ऐसा बड़ा प्लेटफॉर्म है जो युवाओं के अन्दर एक नया जोश और उत्साह भर देता है। मुझे खुशी है कि एक छोटे से कस्बे से निकलकर मैं राजधानी दिल्ली तक पहुँची हूँ। मुझे पूरा विश्वास है कि इंडियास्किल्स प्रतियोगिता की विजेता बनकर मैं ल्योन, फ्रांस में भारत का सफल नेतृत्व करूंगी। एनएसडीसी ने मेरे जैसे अनेक युवाओं को अपना भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए एक नई राह दिखाई है। मुझे एक उज्ज्वल भविष्य देने के लिए मैं एनएसडीसी और असम स्किल डेवलपमेन्ट को धन्यवाद देती हूँ।

आज मृद्मिता एक उड़ते हुए पंक्षी की तरह अपने जीवन की एक नई उड़ान भर रही हैं। यदि महिलाओं को आगे बढ़ने के इस तरह के बेहतर अवसर मिलते रहेंगे तो भारतीय समाज एक नई प्रगति की राह पर तेजी से आगे बढ़ेगा। मृद्मिता भविष्य में अपना केयर सेन्टर खोलकर समाज की महिलाओं के लिए अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करना चाहती है। आजस मृद्मिता समाज की अनेक महिलाओं के लिए एक प्रेरणा बन कर उभरी है।

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