
ज्वेलरी आधारित सुरक्षा डिवाइस बने आकर्षण का केंद्र, जेईसीआरसी में दिखे अनोखे प्रोजेक्ट्स
जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ समाज की समस्याओं का समाधान खोजने और छात्रों के नए आइडियाज को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी द्वारा ‘पेटेंट पिच मिशन 2026’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के जरिए छात्रों को अपने इनोवेटिव आइडियाज प्रस्तुत करने का मौका मिला और उन्हें पेटेंट के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। आईपीआर के क्षेत्र में जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी का बड़ा कदम; पहली बार किसी यूनिवर्सिटी ने स्कूलों को किया हैंडहोल्ड, हर स्कूल में आईपीआर सेल बनाने की पहल |
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. जितेंद्र शर्मा (असिस्टेंट कंट्रोलर, पेटेंट एंड डिजाइन, भारत सरकार) ने छात्रों को बौद्धिक संपदा अधिकारों और पेटेंट की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पेटेंट के लिए उम्र मायने नहीं रखती, जरूरी है नई सोच और समस्याओं को अलग नजरिए से देखने की क्षमता। उन्होंने आसान उदाहरणों के जरिए समझाया कि छात्र अपने बनाए नोट्स और क्रिएटिव कार्यों पर भी कॉपीराइट का अधिकार ले सकते हैं।
इस अवसर पर अर्पित अग्रवाल, वाइस चेयरपर्सन, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी ने कहा, “आज के समय में केवल डिग्री लेना काफी नहीं है, बल्कि नए विचारों के साथ आगे बढ़ना जरूरी है। दुनिया की हर बड़ी खोज एक छोटे से आइडिया से शुरू हुई है। हमारा उद्देश्य छात्रों को सिर्फ नौकरी के लिए तैयार करना नहीं, बल्कि उन्हें ऐसा इनोवेटर बनाना है जो समाज की समस्याओं का समाधान दे सके। अगर युवा समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय उनके समाधान पर काम करें, तो भारत दुनिया का सबसे बड़ा इनोवेशन हब बन सकता है। साथ ही उन्होंने कहा यदि देशभर के स्कूल और यूनिवर्सिटीज सही दिशा में इनोवेशन पर काम करें, तो भारत का ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स तेजी से बेहतर हो सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि यह बेहद प्रेरणादायक है कि स्कूल स्तर के छात्र भी इतनी कम उम्र में नए आइडियाज पर काम कर रहे हैं और पेटेंट जैसी चीजों को समझने में रुचि दिखा रहे हैं। इस तरह की जागरूकता और नवाचार की सोच भविष्य में उन्हें आत्मनिर्भर और समाधान देने वाला नागरिक बनाएगी। उन्होंने कहा कि कम उम्र में रिसर्च और इनोवेशन से जुड़ना छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत शुरुआत है।
इसी पहल के तहत जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी
छात्रों के आइडियाज और रिसर्च की पेटेंट फाइलिंग की जिम्मेदारी भी उठाएगी। विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों के अनुसार, छात्रों द्वारा प्रस्तुत 80 आइडियाज में से 60 आइडियाज पेटेंट के लिए उपयुक्त पाए गए हैं।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने कई शानदार और समाज उपयोगी प्रोजेक्ट्स प्रस्तुत किए—
* स्मार्ट सुनामी डिटेक्शन: शाश्वत, अन्वय और सौम्या की टीम ने सेंसर आधारित ऐसा सिस्टम तैयार किया जो प्राकृतिक आपदा के समय लोगों को सुरक्षित रास्ता दिखाने में मदद कर सकता है।
* मिनीलिसिस: छात्रों ने डायलिसिस प्रक्रिया को छोटा, सस्ता और आसान बनाने से जुड़ा एक खास प्रोटोटाइप प्रस्तुत किया, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
* सेंट्रा प्रोडक्ट इकोसिस्टम: सुरक्षा तकनीक के क्षेत्र में छात्रों ने ‘एनेस्थीसिया आधारित पेंडेंट’ और ‘इलेक्ट्रिक पल्स ब्रेसलेट’ जैसे वियरेबल डिवाइसेस प्रस्तुत किए। ये उपकरण आपातकालीन स्थिति में आत्मरक्षा और तुरंत सुरक्षा सहायता देने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं, जो खासतौर पर महिलाओं और युवाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं।
‘पेटेंट पिच मिशन 2026’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों के सपनों और नए भारत की सोच को आगे बढ़ाने की पहल थी। जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी का यह प्रयास शिक्षा के साथ-साथ नवाचार और रिसर्च को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






