सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों से बढ़ी चिंता
नई दिल्ली, दिव्यराष्ट्र:/ देश के लाखों छोटे कारोबारियों, कोचिंग संचालकों और जिम मालिकों के लिए सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि केवल आवासीय उपयोग के लिए निर्धारित क्षेत्रों में बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधियां चलाना नियमों का उल्लंघन है और ऐसे परिसरों को सील किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनियोजित व्यावसायिक गतिविधियों से ट्रैफिक, पार्किंग, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे स्थानीय निवासियों के जीवन की गुणवत्ता प्रभावित होती है। अदालत ने इसे नागरिकों के सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन के अधिकार से भी जोड़ा।
निर्देशों के अनुसार, बिना स्वीकृति के निर्मित भवनों के खिलाफ ध्वस्तीकरण सहित कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही प्रशासन को सभी मामलों में निष्पक्ष और समान कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
हालांकि, इस फैसले ने आजीविका के प्रश्न को भी केंद्र में ला दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अवैध गतिविधियों पर रोक के साथ-साथ उन लोगों के लिए वैकल्पिक समाधान तलाशना भी जरूरी होगा, जिनकी रोजी-रोटी ऐसे व्यवसायों पर निर्भर है।




