नई दिल्ली, दिव्यराष्ट्र:/ पंजाब नेशनल बैंक ने 31 मार्च 2026 को समाप्त तिमाही और वर्ष के लिए अपने वित्तीय परिणाम घोषित किए।
बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के दौरान ₹16,904 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जिसमें वर्ष-दर-वर्ष 1.6% की वृद्धि हुई। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही का शुद्ध लाभ ₹5,225 करोड़ रहा, जो वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के ₹4,567 करोड़ के मुकाबले 14.4% की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्शाता है। वित्त वर्ष 2026 में परिचालन लाभ ₹29,290 करोड़ हो गया जो वित्त वर्ष 2025 के मुक़ाबले वर्ष-दर-वर्ष 9.2% की वृद्धि दर्शाता है। परिचालन लाभ वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के ₹6,776 के विरुद्ध वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 10.7% की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि के साथ ₹7,500 करोड़ था।
आस्तियों पर प्रतिफल वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के 1.02% से 4 आधार अंक बढ़कर वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 1.06% हो गया। सकल गैर-निष्पादित आस्तियां अनुपात 31 मार्च 2025 के 3.95% से वर्ष-दर-वर्ष 100 आधार अंक बढ़कर 31 मार्च 2026 को 2.95% पर आ गया। शुद्ध गैर-निष्पादित आस्तियां अनुपात 31 मार्च 2025 के 0.40% से वर्ष-दर-वर्ष 11 आधार अंक बढ़कर 31 मार्च 2026 को 0.29% पर आ गया। प्रावधान कवरेज अनुपात (टीडबल्यूओ सहित) 31 मार्च 2025 के 96.82% से वर्ष-दर-वर्ष 32 आधार अंक बढ़कर 31 मार्च 2026 को 97.14% हो गया। प्रति शेयर बुक वैल्यू वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के ₹103.36 से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में ₹114.77 हो गई, जो 11.0% की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्शाती है।
प्रति शेयर आय वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही के ₹3.97 से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में ₹4.55 हो गई, जो 14.6% की वर्ष-दर-वर्ष वृद्धि दर्शाती है। कुल वैश्विक कारोबार 31 मार्च 2025 के ₹26.83 लाख करोड़ से वर्ष-दर-वर्ष 10.7% बढ़कर 31 मार्च 2026 को ₹29.70 लाख करोड़ हो गया। वैश्विक जमा 31 मार्च 2025 के ₹15.67 लाख करोड़ से वर्ष-दर-वर्ष 9.2% की वृद्धि के साथ 31 मार्च 2026 को ₹17.11 लाख करोड़ हो गई। वैश्विक अग्रिम 31 मार्च 2025 के ₹11.17 लाख करोड़ से वर्ष-दर-वर्ष 12.7% बढ़कर 31 मार्च 2026 को ₹12.59 लाख करोड़ हो गए। रैम अग्रिम 31 मार्च 2025 के ₹6.03 लाख करोड़ से वर्ष-दर-वर्ष 12.1% बढ़कर 31 मार्च 2026 को ₹6.76 लाख करोड़ हो गए।
सीडी अनुपात 31 मार्च 2026 को 73.6% रहा, जबकि 31 मार्च 2025 को यह 71.3% था। सीआरएआर 31 मार्च 2025 के 17.01% से सुधरकर 31 मार्च 2026 को 17.74% हो गया, जो 73 आधार अंकों की वृद्धि दर्शाता है।
प्रमुख मापदंडों में व्यावसायिक प्रदर्शन जमा: बचत जमा वर्ष-दर-वर्ष 6.4% की वृद्धि दर्ज करते हुए ₹5,30,321 करोड़ हो गए। चालू जमा वर्ष-दर-वर्ष 5.6% की वृद्धि दर्ज करते हुए ₹79,294 करोड़ हो गए। कासा जमा वर्ष-दर-वर्ष 6.3% की वृद्धि दर्ज करते हुए ₹6,09,615 करोड़ हो गए। बैंक का कासा शेयर 31 मार्च 2026 तक 37.0% रहा। कुल सावधि जमा 31 मार्च 2026 तक वर्ष-दर-वर्ष 10.9% की वृद्धि के साथ ₹11,01,507 करोड़ हो गए। अग्रिम कुल खुदरा ऋण मार्च 2026 तक वर्ष-दर-वर्ष 8.3% बढ़कर ₹2,80,779 करोड़ हो गया।
कोर खुदरा ऋण में 31 मार्च 2026 तक वर्ष-दर-वर्ष 18.2% की वृद्धि हुई। कोर खुदरा ऋण के अंतर्गत आवास ऋण वर्ष-दर-वर्ष 11.6% बढ़कर ₹1,29,832 करोड़ हो गया। वाहन ऋण वर्ष-दर-वर्ष 35.1% की वृद्धि दर्ज करते हुए ₹35,199 करोड़ तक पहुंच गया। कृषि अग्रिम वर्ष-दर-वर्ष 10.7% बढ़कर ₹1,99,919 करोड़ हो गए। एमएसएमई अग्रिम वर्ष-दर-वर्ष 19.9% बढ़कर ₹1,95,027 करोड़ हो गए।
आस्ति गुणवत्ता* : सकल गैर-निष्पादित आस्तियां 31 मार्च 2026 को ₹6,958 करोड़ घटकर ₹37,124 करोड़ हो गई, जो 31 मार्च 2025 को ₹44,082 करोड़ थी । शुद्ध गैर-निष्पादित आस्तियां 31 मार्च 2026 को ₹681 करोड़ घटकर ₹3,610 करोड़ हो गईं, जो 31 मार्च 2025 को ₹4,291 करोड़ थीं ।
लाभप्रदता*: वित्त वर्ष 2026 के लिए शुद्ध लाभ ₹16,904 करोड़ रहा, जबकि इसी अवधि के लिए परिचालन लाभ ₹29,290 करोड़ तक पहुँच गया। वित्त वर्ष 2026 के लिए कुल आय वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 6.5% की वृद्धि के साथ ₹1,47,017 करोड़ थी । वित्त वर्ष 2026 के लिए कुल ब्याज आय ₹1,28,223 करोड़ थी और वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के लिए ₹32,157 करोड़ थी, जो वर्ष-दर-वर्ष आधार पर क्रमशः 5.3% और 0.5% की वृद्धि दर्शाती है। वित्त वर्ष 2026 के लिए गैर-ब्याज आय वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 15.2% की वृद्धि के साथ ₹18,794 करोड़ थी। वित्त वर्ष 2026 के लिए वैश्विक कुल ब्याज मार्जिन (NIM) 2.57% रहा। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में कुल ब्याज व्यय वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 2.6% से बढ़कर ₹21,776 करोड़ रहा। वित्त वर्ष 2026 में परिचालन व्यय वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 2.5% से घटकर ₹31,464 करोड़ रहा और वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 19.0% से घटकर ₹7,042 करोड़ रहा।
पूंजी पर्याप्तता* पूंजी पर्याप्तता अनुपात 31 मार्च 2025 के 17.01% से बढ़कर 31 मार्च 2026 को 17.74% हो गया, जो 73 आधार अंकों का सुधार दर्शाता है। टियर-I पूंजी 31 मार्च 2025 के 14.05% से बढ़कर 31 मार्च 2026 को 15.15% हो गई (31 मार्च 2026 को सीईटी-I 13.62% और एटी-I 1.53% पर था)। टियर-II पूंजी 31 मार्च 2026 तक 2.59% थी।
दक्षता/उत्पादकता अनुपात: वैश्विक अग्रिम यील्ड वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 7.51% और वित्त वर्ष 2026 में 7.80% रही। वैश्विक जमा लागत वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 5.05% और वित्त वर्ष 2026 में 5.16% हो गई। वैश्विक निवेश यील्ड वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 6.97% और वित्त वर्ष 2026 में 6.87% रही। प्रति कर्मचारी कारोबार 31 मार्च 2025 के ₹26.86 करोड़ से बढ़कर 31 मार्च 2026 तक ₹29.42 करोड़ हो गया। प्रति शाखा कारोबार 31 मार्च 2025 के ₹253.55 करोड़ से बढ़कर 31 मार्च 2026 तक ₹275.63 करोड़ हो गया। प्रति कर्मचारी शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में ₹19.25 लाख से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में ₹21.91 लाख हो गया। प्रति शाखा शुद्ध लाभ वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में ₹181.75 लाख से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में ₹205.22 लाख हो गया।
प्राथमिकता क्षेत्र की उपलब्धि* प्राथमिकता क्षेत्र अग्रिम 40% के राष्ट्रीय लक्ष्य से अधिक रहा और यह एएनबीसी का 41.89% है। कृषि अग्रीम 18% के राष्ट्रीय लक्ष्य से अधिक रहा और यह एएनबीसी का 18.09% है। छोटे और सीमांत किसानों को ऋण 10% के राष्ट्रीय लक्ष्य से अधिक रहा और यह एएनबीसी का 10.53% है। कमजोर वर्गों को ऋण 12% के राष्ट्रीय लक्ष्य को पार कर गया और यह एएनबीसी का 13.72% है। सूक्ष्म उद्यमों को ऋण 7.50% के राष्ट्रीय लक्ष्य को पार कर गया और यह एएनबीसी का 9.70% है।
डिजिटल प्रगति और पहल*: पीएनबी वन सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही को 214 लाख से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही तक 260 लाख हो गई, जो वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 21% की वृद्धि दर्शाती है। व्हाट्सएप बैंकिंग उपयोगकर्ताओं की संख्या वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही को 62 लाख से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही तक 109 लाख हो गई, जो वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 77% की वृद्धि दर्शाती है। यूपीआई लेनदेन की संख्या वित्त वर्ष 2025 की चौथी तिमाही में 267 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 323 करोड़ हो गई, जो वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 21% की वृद्धि दर्शाती है। पीएनबी वन बिज़ उपयोगकर्ताओं की संख्या वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में 2.99 लाख हो गई, जो वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 205% की वृद्धि दर्शाती है। वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में बैंक के कुल लेनदेन में डिजिटल लेनदेन का योगदान 95.16% रहा। डिजिटल ऋण जर्नी के माध्यम से स्वीकृत और संवितरित कुल राशि वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में ₹20,872 करोड़ को पार कर गई। वित्त वर्ष 2026 में सीबीडीसी उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़कर 10.50 लाख हो गई और लेनदेन की संख्या बढ़कर 71.89 लाख हो गई।
शुरू की गई नई पहल* रिटेल इंटरनेट बैंकिंग के ज़रिए फ्लेक्सी आरडी खोलने की सुविधा | व्हाट्सएप बैंकिंग के जरिए आरडी खोलने की सुविधा | रिटेल इंटरनेट बैंकिंग और पीएनबी वन में मल्टी-करेंसी वर्ल्ड ट्रैवल कार्ड सेवाएँ
पीएनबी वन के माध्यम से मोबाइल नंबर बदलने की सुविधा | पीएनबी वन के माध्यम से क्रेडिट कार्ड को अस्थाई रूप से ब्लॉक/अनब्लॉक करें | पीएनबी वन के माध्यम से ईओडी / ईडीएल को समय से पहले बंद करने की सुविधा | सामान्य एआई – एआर/वीआर लर्निंग | एचएल (टॉप-अप), गृह वाटिका और डिजी एमएसएमई प्राइम वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में नई लॉन्च की गई डिजिटल ऋण जर्नी में से हैं।
31 मार्च 2026 तक, बैंक की 10,324 घरेलू शाखाएँ और 2 अंतर्राष्ट्रीय शाखाएँ हैं। कुल शाखाओं में से, बैंक की 63.4% शाखाएँ ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में हैं। बैंक के वितरण नेटवर्क में 11,065 एटीएम और 33,314 बीसी भी शामिल हैं, जिससे 31.03.2026 तक कुल टच पॉइंट्स की संख्या 54,703 हो गई है।




