आरईआरसी ने टीबीसीबी मार्ग को दी अनुमति
जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग यानी आरईआरसी ने 15 मै को दिए अपने आदेश में राजस्थान की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और ग्रिड स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण फैसला देते हुए राज्य की डिस्कॉम्स को टैरिफ बेस्ड कम्पेटेटिव बिडिंग यानी टीबीसीबी के जरिए थर्मल पावर टाई-अप करने का मार्ग प्रशस्त किया है।
आयोग ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण यानी सीईए द्वारा राज्य के लिए साल 2035-36 तक 4440 मेगावाट कोयला आधारित क्षमता आवश्यकता संबंधी आकलन को स्वीकार करते हुए कहा है कि, इस क्षमता के सर्वोत्तम टाई-अप का निर्णय डिस्कॉम्स द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया एवं न्यूनतम लागत को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा।
आरईआरसी ने अपने आदेश के पैरा 114 में स्पष्ट किया है कि भविष्य की फर्म पावर आवश्यकता की पूर्ति डिस्कॉम्स द्वारा एमओयू/जेवी अथवा टीबीसीबी/ कॉम्पिटेटिव बिडिंग मेंस किसी भी माध्यम से की जा सकती है।
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश राजस्थान में तेजी से बढ़ रहे रिन्यूएबल एनर्जी इंटीग्रेशन के बीच दीर्घकालिक बेसलोड पावर, ग्रिड स्थिरता तथा राउंड-द-क्लॉक बिजली उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
यह आदेश राज्य की भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा तथा विश्वसनीय बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

