
जयपुर, दिव्यराष्ट्र/ पंचायती राज मंत्रालय और पंचायती राज संस्थान जयपुर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के दौरान विभिन्न श्रेणियों में चार पुरस्कार हासिल कर, ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार 2026 में अग्रणी प्रदर्शन करने वालों में शामिल रहे। यह उपलब्धि ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कारों की शुरुआत के बाद से पंचायती राज तंत्र द्वारा प्राप्त अब तक की सर्वोच्च मान्यता है, जो जमीनी स्तर पर शासन व्यवस्था को बदलने में डिजिटल तकनीकों की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है।
प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार, उन अनुकरणीय पहलों को मान्यता देते हैं जो शासन में सुधार, पारदर्शिता को मजबूत करने, सार्वजनिक सेवा वितरण को बढ़ाने और नागरिक-केंद्रित प्रशासन को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाती हैं। ये पुरस्कार देश भर में सफल शासन मॉडलों के नवाचार और उनके अनुकरण को प्रोत्साहित करते हैं।
पंचायती राज को राष्ट्रीय मान्यता
पुरस्कारों के 2026 संस्करण में, पंचायती राज संस्थानों ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रदान किए गए सत्रह पुरस्कारों में से चार पुरस्कार हासिल किए, जो ग्राम, जिला और संस्थागत स्तरों पर डिजिटल गवर्नेंस प्रणालियों की बढ़ती परिपक्वता को प्रदर्शित करता है।
मंत्रालय के प्रमुख ‘पंचायत उन्नति सूचकांक’ को “डेटा एनालिटिक्स के उपयोग के माध्यम से डिजिटल परिवर्तन” श्रेणी में गोल्ड अवार्ड प्राप्त हुआ।
*पुरस्कार विजेताओं में शामिल हैं:*
कादेपुर ग्राम पंचायत, सांगली, महाराष्ट्र – गोल्ड अवार्ड।
बिजोय नगर ग्राम पंचायत, पश्चिम त्रिपुरा, त्रिपुरा – सिल्वर अवार्ड।
जिला परिषद नंदुरबार, महाराष्ट्र – ‘ई-आरोग्य धामनी’ पहल के लिए गोल्ड अवार्ड ।
*पंचायत उन्नति सूचकांक*
पंचायत उन्नति सूचकांक देश का पहला व्यापक प्रदर्शन मूल्यांकन ढांचा है जो लगभग 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को कवर करता है। स्थानीयकृत सतत विकास लक्ष्यों के नौ विषयों के इर्द-गिर्द निर्मित, यह सूचकांक साक्ष्य-आधारित योजना, बेंचमार्किंग, बेहतर संसाधन आवंटन, पारदर्शिता और जवाबदेही का समर्थन करता है।
जमीनी स्तर पर डिजिटल गवर्नेंस
प्रौद्योगिकी-सक्षम शासन एआई-सक्षम सार्वजनिक सेवा वितरण, जीआईएस-आधारित योजना, ब्लॉकचेन-आधारित रिकॉर्ड प्रबंधन, डिजिटल स्वास्थ्य सेवा, ऑनलाइन वित्तीय प्रबंधन, उन्नत स्थानीय राजस्व प्रशासन और वास्तविक समय में नागरिक जुड़ाव के माध्यम से ग्रामीण प्रशासन को तेजी से बदल रहा है। इन पहलों ने अनुकरणीय शासन मॉडल तैयार करने के साथ-साथ पारदर्शिता, दक्षता और सेवा वितरण में सुधार किया है।
*भागीदारी का बढ़ता दायरा*
2026 की पुरस्कार प्रक्रिया में 30 राज्यों की 1.65 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों ने भाग लिया। वर्ष 2025 में शुरू की गई समर्पित ‘ग्राम पंचायत पुरस्कार श्रेणी’ ने ग्राम स्तर के शासन में नवाचार और उत्कृष्टता की पहचान को और अधिक प्रोत्साहित किया है।
मंत्रालय का डिजिटल गवर्नेंस इकोसिस्टम
प्रमुख पहलों में पंचायत उन्नति सूचकांक, ई-ग्रामस्वराज, ऑडिटऑनलाइन और ग्राम मानचित्र शामिल हैं, जो पंचायती राज संस्थानों में योजना, वित्तीय प्रबंधन, निगरानी और जवाबदेही के लिए एक एकीकृत डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करते हैं।
ई-गवर्नेंस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार, जो प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा प्रतिवर्ष प्रदान किए जाते हैं, डिजिटल गवर्नेंस में उत्कृष्टता के लिए भारत के सर्वोच्च सम्मानों में से हैं। यह पुरस्कार केंद्रीय मंत्रालयों, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, जिलों और ग्राम पंचायतों द्वारा पारदर्शिता, दक्षता और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने वाली नवीन पहलों को सम्मानित करते हैं। ये पुरस्कार राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन के दौरान प्रदान किए जाते हैं, जो इस वर्ष जयपुर में ‘विकसित भारत 2047: एआई-सक्षम, डेटा-संचालित और सुरक्षित डिजिटल गवर्नेंस’ विषय के तहत आयोजित किया जा रहा है।




