
विशेषज्ञ व्याख्यान और मुफ्त दवा वितरण का आयोजन
ग्रेटर नोएडा, दिव्यराष्ट्र:/ नोएडा इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (निम्स) के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग ने विश्व बांझपन जागरूकता माह के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान लोगों को बांझपन , उसके कारण, इलाज के विकल्प और समय पर डॉक्टर से सलाह लेने के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के तहत एमबीबीएस इंटर्न छात्रों ने अस्पताल के वार्डों में नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इस नाटक के माध्यम से लोगों को बांझपन से जुड़ी सामाजिक और भावनात्मक चुनौतियों के बारे में जागरूक किया गया और इससे जुड़े भ्रम व गलत धारणाओं को दूर करने का प्रयास किया गया।
इस मौके पर दिल्ली की प्रसिद्ध बांझपन विशेषज्ञ डॉ. नेहा गुप्ता, डायरेक्टर एवं सीनियर कंसल्टेंट, मेडीवर्ल्ड फर्टिलिटी, आशलोक हॉस्पिटल ने एक विशेष व्याख्यान दिया। उन्होंने बांझपन के कारणों, आधुनिक इलाज के तरीकों और सही समय पर जांच व इलाज शुरू करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समय पर चिकित्सा सलाह लेने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान मरीजों को मुफ्त दवाइयां भी वितरित की गईं, जिससे लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिल सके।
इस अवसर पर डॉ. एस. एन. गुप्ता, डायरेक्टर, निम्स ने कहा, “इस तरह के शैक्षणिक और जागरूकता कार्यक्रम छात्रों की व्यावहारिक शिक्षा को मजबूत करते हैं और स्वास्थ्य सेवाओं में नए विचारों व बेहतर सहयोग को बढ़ावा देते हैं।”
डॉ. रंजीत घुलियानी, मेडिकल सुपरिटेंडेंट निम्स ने कहा, “निरंतर मेडिकल शिक्षा और ज्ञान साझा करने वाले कार्यक्रम बेहतर इलाज और वैज्ञानिक आधार पर स्वास्थ्य सेवाएं देने में मदद करते हैं।”
वहीं डॉ. मनीषा जिंदल, डीन, निम्स ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्रों को किताबों की पढ़ाई के साथ व्यावहारिक अनुभव भी देते हैं और भविष्य के बेहतर स्वास्थ्य विशेषज्ञ तैयार करने में मददगार होते हैं।
कार्यक्रम में डॉक्टरों, फैकल्टी, मेडिकल छात्रों और अस्पताल कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इससे निम्स की गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा, जन-जागरूकता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता एक बार फिर सामने आई।
अंत में डॉ. मेघा रंजन, विभागाध्यक्ष, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग एवं सह-संयोजक ने सभी अतिथियों, डॉक्टरों, प्रतिभागियों और आयोजन टीम का धन्यवाद किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. काजल सिंह और डॉ. तेजसा मिश्रा द्वारा किया गया।




