चीनी व्यापारियों को निर्देश सूक्ष्मतम लाभ पर कार्य करें
जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ देश में चीनी का उत्पादन 280 लाख टन माना जा रहा है और इसी प्रकार देश में चीनी की खपत भी 280 लाख टन के करीब ही होती है। पूरे देश की चीनी मीलें एक नीति के अन्तर्गत देश के उपभोक्ताओं की आवश्यकता के अनुसार प्रतिमाह मीलों द्वारा चीनी का निष्पादन किया जाता है। कुछ प्रतिशत चीनी का निर्यात भी किया जाता है और आयात भी किया जाता है। महाराष्ट्र तथा उत्तरप्रदेश विशेषकर चीनी के उत्पादक प्रान्त है। अगस्त के प्रथम सप्ताह की बात करें तो महाराष्ट्र में चीनी के भाव थोक बाजार में 4 हजार रुपये प्रति क्विंटल बोले जा रहे थे जबकि यह बढ़कर अब 7 हजार रुपये प्रति क्विंटल को पार कर रहे हैं। उत्तरप्रदेश की बात करें तो अगस्त के शुरुआती दिनों में चीनी थोक भाव में 4 हजार रुपये प्रति क्विंटल में बिक रही थी जो अभी 6500 प्रति क्विंटल बोली जा रही है।
केन्द्र सरकार ने परिस्थितियों का आकलन करते हुए थोक विक्रेता की अधिकतम सीमा 4 हजार क्विंटल कर दी थी। स्टॉक सीमा को पोर्टल पर दर्शाना आवश्यक कर दिया गया था। अभी और कदम उठाते हुए चीनी पर 100 प्रतिशत आयात शुल्क घटाया है और 10 लाख टन रॉ शुगर इण्डोनेशिया व ब्राजील से मंगाने के लिये मीलों को अपनी रिफाइनरी क्षमता के अनुसार आयात के लिये अभिशंषा करना अनिवार्य किया है। रॉ चीनी के जहाज इण्डोनेशिया तथा ब्राजील के समुद्र तटों पर खड़े रहते हैं। आवश्यकता के अनुसार इन्हें देशों में भेजा जाता है। आयात के सौदे के साथ 15 से 20 दिन में रॉ चीनी मीलों को उपलब्ध हो जायेगी।
भारतीय उद्योग व्यापार मण्डल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा राजस्थान खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के चेयरमैन बाबूलाल गुप्ता ने बताया कि कोर कमेटी की आवश्यक दूरभाष संपर्क बैठक आयोजित की गयी जिसमें ऑल इण्डिया खुदरा व्यापार संघ के प्रेसीडेन्ट ओमकार गोयल,उत्तरप्रदेश उद्योग व्यापार मण्डल के प्रदेशाध्यक्ष मुकुन्द मिश्रा, कैमिट महाराष्ट्रा के चेयरमेन मोहन गुरनानी,ग्रोमा मुंबई के अध्यक्ष भीमजी भानुशाली, बीयूवीएम पंजाब के अध्यक्ष रंजन अग्रवाल, सकल अनाज दलहन तिलहन व्यापार महासंघ मध्यप्रदेश के अध्यक्ष गोपालदास अग्रवाल, बीयूवीएम दिल्ली के महामंत्री हेमन्त गुप्ता, बीयूवीएम हरियाणा के भानुप्रकाश शर्मा, बीयूवीएम उड़ीसा के अध्यक्ष प्रहलाद खण्डेलवाल, राजस्थान खुदरा व्यापार संघ के विनोद अग्रवाल,बीयूवीएम हिमाचलप्रदेश के अध्यक्ष प्रकाशचन्द गुप्ता,आदि मुख्य लोग शामिल हुए और निर्णय लिया गया कि देश में अचानक राष्ट्र चीनी नीति के फ्लॉप होने के कारण शॉर्टेज आ गयी है। इसको ध्यान में रखते हुए हमारा दायित्व बनता है कि उपभोक्त के लिये चीनी सूक्ष्मतम लाभ पर उपलब्ध करवये। सभी चीनी व्यापारियों को तथा चीनी के थोक उपभोक्ताओं को निर्देश दिये जाते हैं कि चीनी का व्यापार सूक्ष्मतम लाभ पर किया जायें।
कोर कमेटी ने आशा व्यक्त की है कि आने वाले महिनों में भारतीय संस्कृति के पोषक और जन-जन के हृदय में विराजमान राखी, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी और उसके बाद पितृपक्ष श्राद्ध, नवरात्रि, दुर्गापूजा, दीपावली जैसे त्यौहार आ रहे हैं और तब चीनी की मांग भी बाजार में बढ़ जाती है। राष्ट्र की चीनी नीति में सुधार से तथा केन्द्र सरकार द्वारा तत्काल किये जा रहे उपायों से और इण्डोनेशिया व ब्राजील से रॉ चीनी आकर रिफाइन होने से न केवल चीनी के बढ़ते भाव रुकेंगे बल्कि इनमें कमी आने की पूरी संभावना है।