मुंबई, दिव्यराष्ट्र/ वैश्विक वित्तीय समाचार पत्र फाइनेंशियल टाइम्स द्वारा वर्ष 2026 के मूल्यांकन में भारतीय प्रबंधन संस्थान बेंगलुरु ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अध्यापन प्रकरणों के प्रभाव के मामले में संस्थान को विश्व के शीर्ष 50 प्रबंधन संस्थानों में 11वां स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि भारत में संस्थान पहले स्थान पर रहा है। फाइनेंशियल टाइम्स शैक्षणिक कार्यों के व्यापार और नीतिगत व्यवहार पर पड़ने वाले प्रभाव को आंकने के लिए नई पद्धति विकसित कर रहा है। वर्ष 2026 की सूची चार क्षेत्रों – व्यवसायिक प्रकाशन, नीतिगत प्रभाव, बाहरी अनुदान राशि और अध्यापन प्रकरणों पर आधारित है। वर्ष 2024 और 2025 के दौरान संस्थान के अध्यापन प्रकरणों का उपयोग लगभग 50 देशों के 680 उच्च शिक्षा संस्थानों ने किया है।
इनमें शैक्षणिक संस्थान, प्राध्यापक, विद्यार्थी, कंपनियां और पेशेवर शामिल हैं। इस सूची के लिए पांच अंतरराष्ट्रीय प्रकरण वितरकों के आंकड़ों को एक समान प्रणाली से जांचा गया है। संस्थान के प्रभारी निदेशक प्रोफेसर यू दिनेश कुमार ने कहा, शोध का मूल्य तब बढ़ता है जब वह व्यापार जगत की वास्तविक समस्याओं से जुड़ता है। हमारे संस्थान में हम अध्यापन प्रकरणों को शोध और कक्षा को जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम मानते हैं। संस्थान ने 2024 और 2025 दोनों वर्षों में 26-26 प्रकरण प्रकाशित किए। प्रकरणों की बिक्री 2024 में 1,40,457 से बढ़कर 2025 में 1,84,879 हो गई, जो लगभग 32 प्रतिशत की वृद्धि है। सबसे अधिक बिकने वाले प्रकरणों में रेडबस, डब्ल्यूएसईएस और बिगबास्केट से जुड़े प्रबंधन विषय रहे। इसके अलावा अपोलो अस्पताल, लॉग-9, नीलामी बाजार और जुगलबंदी जैसे विषयों पर आधारित प्रकरणों की भी भारी मांग रही।





