
जोधपुर, दिव्यराष्ट्र:/ लघु उद्योग भारती महिला इकाई द्वारा आयोजित स्वयंसिद्धा मेले को महिलाओं की प्रतिभा, आत्मनिर्भरता एवं उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करने की दिशा मे सार्थक पहल बनकर उभरा है। मेले के प्रथम दिन आयोजित उद्घाटन समारोह मे मुख्य अतिथि जोधपुर के जिला कलेक्टर आलोक रंजन व विशिष्ट अतिथि अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) शालिनी राज ने फीता खोलकर व दीप प्रज्वलित कर मेले का शुभारम्भ किया।
जोधपुर जिला कलक्टर आलोक रंजन एवं अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात) शालिनी राज ने कहा कि महिलाओं को उद्योग एवं व्यापार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए ऐसे आयोजन अत्यंत प्रेरणादायी हैं। उन्होंने कहा कि आज महिलाएँ प्रत्येक क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और स्वरोजगार के माध्यम से न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं।
उन्होने मेले मे लगी विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन कर महिला उद्यमियों द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प, परिधान, खाद्य उत्पाद, गृह सज्जा सामग्री एवं अन्य नवाचार आधारित उत्पादों की सराहना की। उन्होंने प्रतिभागी महिलाओं से संवाद कर उनके उत्पादों, विपणन एवं व्यवसाय से जुड़े अनुभवों की जानकारी भी प्राप्त की तथा उनके प्रयासों की प्रशंसा की।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (यातायात)शालिनी राज ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित वातावरण का संदेश देते हुए मेले परिसर मे पौधारोपण किया।
कार्यक्रम में लघु उद्योग भारती जोधपुर प्रांत प्रभारी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष महावीर चौपड़ा ने कहा कि महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पाद गुणवत्ता, नवाचार एवं उपयोगिता की दृष्टि से अत्यंत उत्कृष्ट हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने के लिए ऐसे मेले अत्यंत प्रभावी मंच सिद्ध हो रहे हैं।
इन आयोजनों से महिला उद्यमियों के आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है तथा वे नए-नए एवं अभिनव उत्पादों के साथ बाजार में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। उन्होंने महिलाओं की सृजनशीलता, नवाचार एवं आत्मनिर्भरता की भावना की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास ‘‘वोकल फॉर लोकल‘‘ और ‘‘आत्मनिर्भर भारत‘‘ अभियान को भी नई गति प्रदान कर रहे हैं।
महिला इकाई अध्यक्ष मोना हरवानी ने कहा कि अतिथियो का स्वागत करते हुए कहा कि महिलाओ मे रचनात्मक क्षमता बहुत अधिक होती है। दो दिवसीय मेले मे महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित करने व उनके उत्पादों को नया प्लेटफॉर्म प्रदान करने के लिये हैण्डीक्राफ्ट एवं टेक्सटाईल, हैल्थकेयर, खान-पान हॉम फर्नीशिग, इत्यादि घरेलू उद्योगों से निमित्त विभिन्न उत्पादों की स्टॉलें लगायी गयी। प्रथम दिन महिलाओं ने जमकर खरीददारी की। उन्होने बताया कि 40 से अधिक स्टॉलों मे महिलाये अनेक प्रकार के उत्पादों को प्रदर्शित कर रही है।
इस अवसर पर उपस्थित महिला उद्यमियों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन उनके उत्पादों के प्रदर्शन, विपणन, ब्रांड पहचान तथा नए ग्राहकों तक पहुँच बनाने के लिए अत्यंत उपयोगी मंच साबित हो रहे हैं। उन्होंने लघु उद्योग भारती महिला इकाई द्वारा आयोजित इस मेले की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की निरंतरता बनाए रखने की अपेक्षा व्यक्त की।
कार्यक्रम का शुभारम्भ मां भारती व भगवान विश्वकर्मा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। सभी अतिथियों का दुपट्टा व स्मृति चिन्ह प्रदान कर स्वागत व अभिनन्दन किया गया।
स्वयंसिद्धा महिला उद्यमिता मेले मे आज आयोजित राखी प्रतियोगिता सभी के आकर्षण का केंद्र रही। प्रतियोगिता में महिलाओं एवं युवतियों ने पारंपरिक, हस्तनिर्मित, पर्यावरण-अनुकूल तथा आकर्षक डिजाइनों वाली राखियों का प्रदर्शन किया। प्रतिभागियों की सृजनशीलता, कलात्मकता एवं नवीन सोच ने दर्शकों का मन मोह लिया। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में आगंतुकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा महिला उद्यमियों द्वारा तैयार की गई राखियों की सराहना की। इस अवसर पर निर्णायकों ने उत्कृष्ट कलाकृतियों का चयन कर प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम मे लघु उद्योग भारती के प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल अग्रवाल, प्रान्त उपाध्यक्ष दीपक माथुर, हरीश लोहिया, प्रान्त महामंत्री सुरेशकुमार विश्नोई, प्रान्त सचिव मीनू दूगड, महिला इकाई उपाध्यक्ष नलिनी बंसल, इन्दुबाला अग्रवाल, सचिव कंचन लोहिया, कोषाध्यक्ष शिल्पा अग्रवाल, सहसचिव निधिसिह, ममता मनानी, सदस्य मीनाक्षी हर्ष, ममता लोहिया, नीतू सिह, चंदा मितल, पूर्व अध्यक्ष सुधीन्द्र दुगड, महिला सदस्य मंजू सारस्वत, स्वाति शर्मा, मधु विश्नोई, प्रेमवती, रूपा भंसाली, स्वाति माथुर , अरूणा राठी सहित इत्यादि उपस्थित रहे।
अन्त मे सचिव कंचन लोहिया ने सभी का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन उपाध्यक्ष नलिनी बंसल ने किया।




