जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ प्रदेश के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास एवं खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव अम्बरीश कुमार ने बुधवार को आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल, जियो-बीपी एवं नायरा सहित सभी प्रमुख तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की।
यह जानकारी देते हुए मनोज गुप्ता, कार्यकारी निदेशक एवं राज्य प्रमुख, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और राज्य स्तरीय समन्वयक, राजस्थान ने बताया कि मुख्य सचिव ने जिलावार स्टॉक की समीक्षा की तथा उपलब्ध व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया। इस अवसर पर तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ-साथ एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर फेडरेशन एवं राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
गुप्ता ने बताया कि राजस्थान में पेट्रोल, डीजल एवं एलपीजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा राज्य में सभी स्थानों पर स्थिति पूरी तरह सामान्य है। किसी भी प्रकार की घबराहट या उत्पादों के अनावश्यक भंडारण (होल्डिंग) की आवश्यकता नहीं है।
उन्होने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां — इंडियन ऑयल, बीपीसीएल और एचपीसीएल तेल और गैस क्षेत्र को प्रभावित कर रही वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद, राजस्थान में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति बनाए हुए हैं। गुप्ता ने बताया कि तेल उद्योग अपने व्यापक आपूर्ति नेटवर्क के माध्यम से ईंधन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से तैयार है, जिसमें टर्मिनल, डिपो, एलपीजी बॉटलिंग प्लांट और रिटेल आउटलेट शामिल हैं। सभी आउटलेट पर ईंधन वितरण सुचारू रूप से चल रहा है और निर्धारित सुरक्षा तथा परिचालन मानदंडों के अनुरूप बिना किसी प्रतिबंध के आपूर्ति जारी है।
उन्होने कहा कि पूरी आपूर्ति श्रृंखला में पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं की प्राथमिक मांगों को कुशलतापूर्वक पूरा करने के लिए निरंतर पुनःपूर्ति की जा रही है। घरेलू उपभोक्ताओं को एलपीजी की आपूर्ति भी सामान्य रूप से जारी है और राज्यभर में वितरण सुचारू रूप से चल रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियां नागरिकों को निर्बाध ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए रूट, स्टॉक की स्थिति और वितरण योजना पर मिलकर काम कर रही हैं। समग्र आपूर्ति स्थिति स्थिर बनी हुई है और इस पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
मनोज गुप्ता ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे सामान्य रूप से खरीदारी करते रहें और अनावश्यक रूप से घबराकर खरीदारी न करें। जनता को यह भी सलाह दी जाती है कि ईंधन की उपलब्धता से संबंधित प्रमाणिक और सत्यापित जानकारी के लिए केवल तेल विपणन कंपनियों द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

