
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रभावी मिसाल
( दिव्यराष्ट्र के लिए डॉ. मनीषा सिंह)
जयपुर:/ पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और वैश्विक ऊर्जा संकट ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है. तेल आपूर्ति से जुड़े महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर खतरे और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि ने कई देशों में महंगाई को बढ़ा दिया. अमेरिका से लेकर यूरोप और एशिया तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला, जिससे आम नागरिकों का जीवन प्रभावित हुआ, लेकिन इस वैश्विक संकट के बीच भारत ने जिस संतुलन और पारदर्शिता के साथ हालात को संभाला, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रभावी नेतृत्व और संवेदनशील नीति का परिणाम है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने यह साबित किया है कि कठिन परिस्थितियों में भी जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर आर्थिक स्थिरता बनाए रखी जा सकती है।जनकल्याणकारी सोच और दूरदर्शी नीतियों का प्रतीक 23 फरवरी 2026 से 15 मई 2026 के बीच, जब कई देशों में ईंधन की कीमतों में 40 से 100 प्रतिशत तक वृद्धि हुई, तब भारत में पेट्रोल केवल 3.2 प्रतिशत और डीजल 3.4 प्रतिशत ही महंगा हुआ. यह अंतर केवल आर्थिक आंकड़ों का नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी की जनकल्याणकारी सोच और दूरदर्शी नीतियों का प्रतीक है. लगभग 76 दिनों तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी कीमतों का पूरा बोझ आम जनता पर नहीं डाला गया. सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने प्रतिदिन लगभग एक हजार करोड़ रुपये की अंडर-रिकवरी सहन कर नागरिकों को राहत दी. प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा इस बात पर जोर दिया है कि विकास का अर्थ केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि आम नागरिक के जीवन को सुरक्षित और बेहतर बनाना भी है.यही कारण है कि उनकी सरकार ने संकट के समय संतुलित और नियंत्रित दृष्टिकोण अपनाया. 15 मई को तीन रुपये प्रति लीटर की सीमित बढ़ोतरी भी चार वर्षों में पहली बड़ी वृद्धि थी, जिसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया गया ताकि महंगाई पर अनावश्यक दबाव न बढ़े आत्मनिर्भर भारत” और “वोकल फॉर लोकल” से आर्थिक मजबूतीप्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने आत्मनिर्भरता की दिशा में जो कदम बढ़ाए हैं, उनका लाभ आज वैश्विक संकट के दौर में स्पष्ट दिखाई दे रहा है. “आत्मनिर्भर भारत” और “वोकल फॉर लोकल” जैसे अभियानों ने देश के भीतर उत्पादन, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को मजबूत किया है. विदेशी वस्तुओं पर निर्भरता कम करने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की सोच आज भारत को आर्थिक मजबूती प्रदान कर रही है. ऊर्जा संरक्षण को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने समय-समय पर नागरिकों से अपील की है कि वे संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करें. आज जब पूरी दुनिया ऊर्जा संकट का सामना कर रही है, तब ऊर्जा बचत केवल व्यक्तिगत आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी बन चुकी है. यदि हर नागरिक पेट्रोल, डीजल और बिजली के उपयोग में संयम बरतता है, तो देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला दबाव कम होता है. डिजिटल इंडिया अभियान भी प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी सोच का महत्वपूर्ण उदाहरण है. डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देकर भारत ने पारदर्शी और आधुनिक अर्थव्यवस्था की दिशा में बड़ी छलांग लगाई है. आज भारत दुनिया में सबसे तेज डिजिटल भुगतान व्यवस्था वाले देशों में शामिल है. इससे भ्रष्टाचार में कमी आई है और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है. वैश्विक संकट का असर भारतीय परिवारों पर न्यूनतम प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने यह भी दिखाया है कि वैश्विक संकट के समय केवल सरकार ही नहीं, बल्कि जागरूक नागरिक भी देश की ताकत बनते हैं. कोविड महामारी से लेकर ऊर्जा संकट तक, भारत ने सामूहिक जिम्मेदारी और अनुशासन का परिचय दिया है. यही कारण है कि भारत आज विश्व मंच पर एक स्थिर, मजबूत और जिम्मेदार राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है. ईंधन की कीमतों का असर केवल परिवहन तक सीमित नहीं होता, बल्कि खाद्य वस्तुओं, कृषि, उद्योग और रोजमर्रा की जरूरतों पर भी पड़ता है. ऐसे में कीमतों को नियंत्रित रखना सीधे तौर पर हर परिवार को राहत देना है. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि वैश्विक संकट का असर भारतीय परिवारों पर न्यूनतम रहे.भारत मजबूती और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है आज वैश्विक परिस्थितियां यह स्पष्ट करती हैं कि दूरदर्शी नेतृत्व, मजबूत नीतियां और जागरूक नागरिक किसी भी राष्ट्र को संकट से बाहर निकाल सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने यह सिद्ध किया है कि संतुलित फैसले, आत्मनिर्भरता और जनहित केंद्रित सोच से देश को मजबूत बनाया जा सकता है. भारत का वर्तमान विकास मॉडल केवल आर्थिक आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम नागरिक के विश्वास, सुरक्षा और समृद्धि से जुड़ा हुआ है. यही कारण है कि वैश्विक चुनौतियों के बीच भी भारत मजबूती और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
डॉ. मनीषा सिंह
जयपुर


