
प्राइम वीडियो की एमएक्स ओरिजिनल दुनिया की थैं थैं दर्शकों को रोमांच से भरे सफर पर ले जाने को तैयार; ट्रेलर जारी
एक ऐसा धोखा, जो एक युवा निशानेबाज़ की ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल देता है; ‘दुनिया की थैं-थैं’ 22 अक्टूबर, 2026 से प्राइम वीडियो पर मुफ़्त में स्ट्रीम होगी
मुंबई, दिव्यराष्ट्र/ एक्सक्लूसिव ओरिजिनल्स के लिए भारत की सबसे बड़ी स्ट्रीमिंग सेवा प्राइम वीडियो ने आज अपनी आगामी एमएक्स ओरिजिनल दुनिया की थैं थैं का ट्रेलर जारी किया। यह एक रोमांचक ड्रामा सीरीज़ है, जिसमें प्यार, धोखे और बदले के विनाशकारी परिणामों को दिखाया गया है। सचिन पांडे ने इस सीरीज़ की परिकल्पना की है और इसका निर्माण भी किया है। सुमित चावला ने इसका निर्देशन किया है, जबकि नितिन केसवानी ने इसकी कहानी लिखी है। बॉम्बे शो स्टूडियोज़ द्वारा निर्मित इस सीरीज़ में ऋषभ जायसवाल और दीपाली शर्मा मुख्य भूमिकाओं में हैं। राजनीति के प्रभाव वाले शक्तिपुर शहर की पृष्ठभूमि पर बनी यह सीरीज़ विकास नाम के एक युवक की कहानी है, जिसकी ज़िंदगी धोखे के बाद एक ऐसा मोड़ लेती है, जो उसे अनजानी राह पर ले जाता है।
ट्रेलर में विकास कुमार (ऋषभ जायसवाल) के एक उम्मीदों से भरे युवा शूटर से खतरनाक विक्की भैया बनने तक के सफर को दिखाया गया है। अपनी प्रेमिका, वैष्णवी चतुर्वेदी (दीपाली शर्मा), जो एक प्रभावशाली विधायक की बेटी हैं, को बचाने के लिए सब कुछ दाँव पर लगाने के बाद विकास जेल पहुँच जाता है। लेकिन अदालत में वैष्णवी के उसके खिलाफ जाने से उसका भरोसा टूट जाता है। सालों बाद दोनों फिर आमने-सामने आते हैं, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। पुलिस अधीक्षक बन चुकी वैष्णवी को विक्की भैया को न्याय के कटघरे में लाने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। इससे उनके अतीत, टूटे भरोसे और बदला लेने की अधूरी चाह से उपजे तनावपूर्ण टकराव की भूमिका तैयार होती है।
प्राइम वीडियो इंडिया में अवॉड कंटेंट के डायरेक्टर और हेड, अमोघ दुसाद ने कहा, “दुनिया की थैं थैं अपनी मिट्टी से जुड़ी, छोटे शहरों की पृष्ठभूमि पर आधारित कहानी है, जहाँ प्यार और धोखा टकराते हैं और घटनाओं का ऐसा सिलसिला शुरू होता है, जिसमें हर कदम पर बड़ा दाँव लगा होता है। ऋषभ जायसवाल के दमदार अभिनय से सजी यह सीरीज़ गहरी भावनाओं, जटिल रिश्तों और बदले की एक दिलचस्प कहानी को सामने लाती है। यह भावनाओं से भरी कहानी है, जिसकी ताकत इसकी पृष्ठभूमि, इसके किरदारों और उन फैसलों में है, जो उनकी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल देते हैं।”
विकास/विक्की भैया का किरदार निभाने पर ऋषभ जायसवाल ने साझा किया, “विकास के किरदार की ओर मेरा ध्यान इस बात ने खींचा कि शुरुआत में वह कैसा है और आगे चलकर किस तरह का इंसान बन जाता है। वह एक ऐसे युवा के रूप में शुरुआत करता है, जिसका लक्ष्य स्पष्ट है, परिवार उसका साथ देने के लिए मौजूद है और जिसे अपने प्यार पर भरोसा है। लेकिन जब उसकी दुनिया की नींव हिलने लगती है, तो उसकी उम्मीदें गुस्से, मोहभंग और अतीत का सामना करने की जरूरत में बदल जाती हैं। इस किरदार के बिल्कुल अलग-अलग पहलुओं को समझना एक दिलचस्प और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण सफर रहा। मुझे उम्मीद है कि दर्शक उसकी कमजोरियों, विरोधाभासों और उसके व्यक्तित्व में आने वाले बदलाव से जुड़ाव महसूस करेंगे।”
वैष्णवी का किरदार निभाने के अपने अनुभव साझा करते हुए, दीपाली शर्मा ने कहा, “वैष्णवी का व्यक्तित्व विशेषाधिकारों और सत्ता के प्रभाव में ढला है, लेकिन उसका सफर उतना सीधा नहीं है, जितना पहली नज़र में लगता है। विकास के साथ उसका रिश्ता उसकी ज़िंदगी में ऐसी भावनाएँ और परिस्थितियाँ लेकर आता है, जिनसे वह आसानी से मुँह नहीं मोड़ सकती। उसका किरदार निभाने के लिए प्यार, टकराव और अपने विश्वासों के बीच उलझी भावनाओं को समझना ज़रूरी था, खासकर तब, जब उसे उस इंसान के खिलाफ खड़ा होना पड़ता है, जो कभी उसकी ज़िंदगी का बेहद अहम हिस्सा था। उसकी कहानी को दिलचस्प बनाने वाली बात यह है कि उसका निजी अतीत और वर्तमान की ज़िम्मेदारियाँ लगातार उसके सामने एक तनावपूर्ण स्थिति पैदा करती हैं।”
बॉम्बे शो स्टूडियोज़ के निर्माता, श्री सचिन पांडे ने कहा, “बॉम्बे शो स्टूडियोज़ में हम हमेशा से मानते आए हैं कि सबसे प्रभावशाली कहानियाँ वे होती हैं, जो खत्म होने के बाद भी लंबे समय तक हमारे साथ रहती हैं, क्योंकि उनमें कहीं न कहीं हम इंसानी अनुभवों के किसी पहलू से खुद को जुड़ा हुआ पाते हैं। ‘दुनिया की थैं थैं’ की शुरुआत इस विचार से हुई कि धोखे का एक पल किसी की ज़िंदगी की दिशा कैसे बदल सकता है और उसके बाद लिए गए फैसले किसी इंसान को कैसे बदल सकते हैं। विकास और वैश्णवी के ज़रिए हम प्यार की जटिलताओं, टूटे हुए भरोसे के बोझ और न्याय पाने की चाह तथा बदला लेने के बीच के बारीक अंतर को दिखाना चाहते थे। हमें उम्मीद है कि दर्शक इन किरदारों को आगे बढ़ाने वाली भावनाओं से जुड़ पाएँगे, भले ही उनके फैसले उन्हें अनजानी राहों पर ले जाएँ।”






