
दो पुस्तकों का विमोचन
भाषा विमर्श, कविता पाठ सहित कई सत्र होंगे आयोजित
जयपुर. राष्ट्रीय साहित्यिक संगोष्ठी “सबद साधना” जयपुर में 8 और 9 अगस्त को आयोजित होगी। यह संगोष्ठी झालाना स्थित प्रौढ़ शिक्षण संस्थान में होगी।
इसमें 8 अगस्त को “पत्रकारिता और साहित्य में अंतर्सम्बन्ध” पर डॉ. के. श्रीनिवास राव का मुख्य वक्तव्य होगा। साथ ही व्यंग्यकार एवं वरिष्ठ पत्रकार यशवंत व्यास और डॉ अमर नाथ ‘अमर’ भी इस विमर्श में भाग लेंगे।
पुस्तक सत्र के अंतर्गत “द रेजिस्टेंस” के हिंदी अनुवाद “प्रतिरोध – राजपूत, मराठा और सिखों का संघर्ष” पुस्तक और उषा राजश्री राठौड़ के कविता संग्रह ‘सोनचिड़ी’ का विमोचन होगा।
प्रतिरोध पुस्तक औरंगजेब तथा उसके उत्तराधिकारियों के शासन काल की घटनाओं पर रचित ऐसी गाथाओं का संग्रह है, जिसमें उन महान और साहसी पुरुषों द्वारा अपने आत्म सम्मान, आस्था तथा जीवन शैली की रक्षा के लिए एक अजेय अविजित से प्रतीत होने वाले साम्राज्य के विरुद्ध निरंतर संघर्ष का वर्णन मिलता है।
पुस्तक के लेखक लेफ्टिनेंट जनरल दलीप सिंह, परम विशिष्ट सेवा मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से समादृत भारतीय सेना के एक वरिष्ठ एवं विशिष्ट सैनिक अधिकारी रहे हैं। सेना से सेवानिवृत्ति के पश्चात उन्होंने यह संकल्प लिया कि वे उन निःस्वार्थ साहसी पुरुषों और उपेक्षित वीरों के महान कार्यों को उजागर करने में अपना योगदान देंगे, जिनके साथ हमारे इतिहास ने समुचित न्याय नहीं किया और उनके योगदान को यथोचित सम्मान व पहचान देने में असफल रहा। यह पुस्तक “प्रतिरोध” इस दिशा में उनका एक विनम्र प्रयास है।
इसी दिन सभी सहभागियों के लिए नयी कविता और छंदस पाठ का भी आयोजन किया गया है।
संगोष्ठी के दूसरे दिन “भाषा में लालित्य तत्त्व” सत्र के अंतर्गत डॉ शोभा सिंह, गुना विद्यानिवास मिश्र के साहित्य पर, सन्त कीनाराम त्रिपाठी, प्रयागराज कुबेरनाथ राय और डॉ अमर नाथ ‘अमर’ अज्ञेय साहित्य पर अपने विचार व्यक्त करेंगे। समापन सत्र में वरिष्ठ साहित्यकार सूरज सिंह नेगी सभी सहभागियों को सम्मानित करेंगे।
संयोजिका सुमन द्विवेदी ने बताया कि इस संगोष्ठी का आयोजन अभ्युदय अंतरराष्ट्रीय संस्थान और राजस्थान फोरम के सहयोग से किया जा रहा है, इसमें देश के दिल्ली, गुरुग्राम, बनारस, प्रयागराज, बैंगलोर, मुम्बई, अहमदाबाद और राजस्थान के विभिन्न शहरों से लगभग 65-70 साहित्यकार भाग लेंगे।




