
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी (आईआईटी मंडी) ने प्लाक्षा विश्वविद्यालय और इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड्स (आईडीवाईएम) फाउंडेशन के सहयोग से हिमाचल प्रदेश में ‘साइंस ऑन व्हील्स’ कार्यक्रम की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूली छात्रों में विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करना और उन्हें प्रयोगों के माध्यम से व्यावहारिक वैज्ञानिक शिक्षा प्रदान करना है।
कार्यक्रम के हिमाचल प्रदेश चरण का शुभारंभ 17 अक्टूबर 2026 को आईआईटी मंडी कैंपस स्कूल में किया गया। इस अवसर पर आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद (एनसीएसटीसी) के माध्यम से समर्थित है। इसका उद्देश्य छात्रों को सैद्धांतिक अध्ययन और वैज्ञानिक प्रयोगों के बीच संबंध समझाना तथा विज्ञान को अधिक रोचक और व्यावहारिक बनाना है।
छत्तीसगढ़ और पंजाब के 70 विद्यालयों में 7,500 से अधिक छात्रों तक पहुँचने के बाद अब ‘साइंस ऑन व्हील्स’ पहल का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश के 50 विद्यालयों तक पहुँचना है। इसके अंतर्गत मंडी, कुल्लू, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा जिलों के विद्यालयों को शामिल किया जाएगा।
कार्यक्रम के शुभारंभ के बाद टीम ने मंडी जिले के विद्यालयों में अपनी गतिविधियाँ शुरू कर दी हैं। इसके तहत बड़ोग, बग्गी (के), बाड़ी गुमाणू, बथेरी और देवरी स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में विज्ञान आधारित गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
यह कार्यक्रम कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है। प्रत्येक विद्यालय में लगभग छह घंटे की व्यावहारिक शिक्षण गतिविधियाँ आयोजित की जाती हैं। इनमें चार प्रमुख विषयों—अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, सतत विकास और जल निस्पंदन—पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इन गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को वैज्ञानिक सिद्धांतों को प्रयोगों के जरिए समझने और उनके वास्तविक जीवन में उपयोग को जानने का अवसर मिलता है।
कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए *आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. लक्ष्मीधर बेहरा* ने कहा, “साइंस ऑन व्हील्स एक सराहनीय पहल है। हमें अपने बच्चों में विज्ञान के प्रति रुचि विकसित करने की आवश्यकता है, क्योंकि यही बच्चे आत्मनिर्भर भारत का भविष्य हैं। साइंस ऑन व्हील्स के माध्यम से हम न केवल उनमें विज्ञान सीखने की रुचि पैदा कर सकते हैं, बल्कि यदि हम उन्हें केवल वैज्ञानिक प्रदर्शन तक सीमित रखने के बजाय आगे बढ़कर सीखने के अवसर प्रदान करें, तो यही बच्चे भविष्य में भारत में एफएमआरआई मशीन और एटॉमिक फोर्स माइक्रोस्कोप जैसी उन्नत तकनीकों के विकास में योगदान दे सकते हैं।”
इस पहल की सराहना करते हुए *आईआईटी मंडी कैंपस स्कूल के प्रधानाचार्य देशराज शर्मा* ने कहा, “आप उन क्षेत्रों के बच्चों को विज्ञान की शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, जहाँ ऐसे वैज्ञानिक उपकरणों को देखना और उनका उपयोग करना भी एक असाधारण अवसर है। इस पहल के माध्यम से आप बच्चों की सोच का दायरा बढ़ा रहे हैं और उनके भविष्य के लिए नए अवसरों के द्वार खोल रहे हैं। यह वास्तव में एक सराहनीय प्रयास है।”
उद्घाटन समारोह में *प्रो. सूर्य प्रकाश उपाध्याय, अध्यक्ष, स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज एवं अध्यक्ष, आईआईटी मंडी कैंपस स्कूल सोसायटी; प्रो. राहुल वैश्य, डीन (फैकल्टी), आईआईटी मंडी एवं सदस्य, आईआईटी मंडी कैंपस स्कूल सोसायटी; तथा प्रो. शैली महेंद्र, यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, लॉस एंजिल्स (यूसीएलए), अमेरिका* भी उपस्थित रहीं। प्रो. शैली महेंद्र वर्तमान में आईआईटी मंडी में अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत हैं। इस अवसर पर उन्होंने ‘साइंस ऑन व्हील्स’ टीम के सदस्यों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण *हाइड्रो रॉकेट का लाइव प्रक्षेपण* रहा, जिसके माध्यम से छात्रों को बल, दबाव और गति जैसे वैज्ञानिक सिद्धांतों को व्यावहारिक रूप से समझाया गया। इस गतिविधि ने विद्यार्थियों में विशेष उत्साह पैदा किया और उन्हें कक्षा में पढ़े गए वैज्ञानिक सिद्धांतों को वास्तविक प्रयोगों से जोड़ने का अवसर मिला।
आईआईटी मंडी कैंपस स्कूल के एक छात्र ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “हमने विज्ञान के बारे में बहुत कुछ पढ़ा है, लेकिन साइंस ऑन व्हील्स ने हमें विज्ञान को एक अलग नजरिए से देखने का अवसर दिया। रॉकेट का लाइव प्रक्षेपण देखना बेहद रोमांचक अनुभव था।”
इस परियोजना का नेतृत्व *प्लाक्षा विश्वविद्यालय की प्रधान अन्वेषक डॉ. रुचा जोशी* कर रही हैं। परियोजना से *आईआईटी मंडी के डॉ. हर्षद कुलकर्णी, प्लाक्षा विश्वविद्यालय के डॉ. शशांक तमास्कर, आईडीवाईएम फाउंडेशन के अध्यक्ष रत्नेश मिश्रा तथा प्लाक्षा विश्वविद्यालय, मोहाली की विजिटिंग असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सृजिता चक्रवर्ती* भी जुड़े हुए हैं। उल्लेखनीय है कि आईडीवाईएम फाउंडेशन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का आधिकारिक स्पेस ट्यूटर है।
‘साइंस ऑन व्हील्स’ कार्यक्रम की गतिविधियाँ मंडी जिले के विद्यालयों में शुरू हो चुकी हैं और आने वाले सप्ताहों में इसे हिमाचल प्रदेश के अन्य जिलों तक विस्तारित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य दूरदराज के क्षेत्रों में छात्रों तक व्यावहारिक विज्ञान शिक्षा पहुँचाने के साथ-साथ उनमें वैज्ञानिक जिज्ञासा, तार्किक सोच, रचनात्मकता और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना है।






