

जयपुर। देश की युवा पीढ़ी को अपने अधिकार और कर्तव्यों की जानकारी रहनी चाहिए। यह कार्य संवैधानिक जागरूकता बढ़ने से ही होगा। इससे देश की युवा पीढ़ी आगे भी देश के लिए अपने कर्तव्यों का सही ढंग से पालन कर सकेगी। यह विचार अतिथियों ने संविधान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में व्यक्त किए। कानोड़िया स्कूल ऑफ लॉ फॉर वीमेन, जयपुर एवं ग्रासरूट मीडिया फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को संविधान दिवस के उपलक्ष में ‘डिजीटल गोपनीयता और डेटा संरक्षण’ के युग में मौलिक अधिकारों के 75 वर्ष“ विषय पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में सर्वाेच्च न्यायालय के अधिवक्ता रमन नंदा मुख्य अतिथि एवं राज्य के सेवानिवृत पुलिस महानिदेशक डॉ. सुनील मेहरोत्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी आगंतुकों द्वारा भवन परिसर में संविधान सभा के तत्कालीन सदस्यों के समूह फोटोग्राफ की फ्रेम का अनावरण किया गया।
कानोड़िया स्कूल ऑफ लॉ फॉर वीमेन की प्राचार्या डॉ. वर्तिका अरोड़ा ने संविधान दिवस का महत्व समझाते हुए, सामाजिक नैतिकता, संवैधानिक नैतिकता के मूल्यों के बारे में बताते हुए संविधान की उद्द्येशिका पर भी प्रकाश डाला। इसके बाद एडवोकेट अनुज शर्मा राजस्थान उच्च न्यायालय ने सभी अतिथियों का परिचय करवाया एवं शैक्षणिक क्षेत्र में विधि का महत्व बताया। मुख्य अतिथि रमन नंदा ने डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के छात्र जीवन के बारे में बताते हुए, छात्रों को उनके अधिकार एवं कर्तव्यों को पहचानने एवं निभाने की शिक्षा दी। इसके साथ ही उन्होंने संविधान के मूल ढांचे को समझाते हुए केशवानन्दन भारती केस एवं अयोध्या केस के निर्णय की चर्चा की।
विशिष्ट अतिथि डॉ. सुनील मेहरोत्रा ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के संविधान की रचना में योगदान के बारे में बताया। इसके साथ ही बिना संविधान के नागरिकों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, इसके बारे में जानकारी दी। आइएनडीआईसी स्कूल ऑफ विधिशास्त्र के संस्थापक राजेश मेठी ने वास्तविक संविधान के प्रारूप एवं नए संविधान के बीच अन्तर बताया तथा समाज का सुचारू रूप से चलाने में संविधान के महत्व की बात की।
इस कार्यक्रम में विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों द्वारा ‘‘नागरिकों के मौलिक अधिकारों और डिजिटल दुनिया के बीच विकसित होते संबंधों’’ पर गहन प्रस्तुतियाँ दी गई। ग्रासरूट मीडिया फाउण्डेशन के संयोजक प्रमोद शर्मा ने संवैधानिक जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। मंच संचालन महाविद्यालय छात्रा निहारिका सिंह एवं कनिष्का वर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन पर सहायक आचार्य निरुपमा गहलोत ने धन्यवाद ज्ञापित किया।






