
नई दिल्ली, दिव्यराष्ट्र:/ वोट चोरी, एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के मुद्दे पर सोमवार को इंडिया गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया। विपक्ष के इस मार्च के दौरान लोगों का जबरदस्त हुजूम उमड़ा। इस दौरान लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और नेहा बोरा आगे चल रहे थे।
इस मार्च के दौरान एक पल ऐसा आया जब, कुछ लोग राहुल-प्रियंका की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि सुरक्षाबल और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान राहुल गांधी भी प्रियंका गांधी और नेहा बोरा की ढाल बन गए। जब भी पीछे से धक्का आता है, वह संभालने की कोशिश करते। इंडिया गठबंधन के प्रोटेस्ट का यह नजारा कैमरे में कैद हो गया।
सुप्रीम कोर्ट में दायर की याचिका
इंडिया ब्लॉक ने सीईसी ज्ञानेश कुमार के मामले और एसआईआर से जुड़े अपने आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की। वहीं, राहुल गांधी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी गई है।
इस मार्च में राहुल गांधी के साथ समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी, कर्नाटक के सीएम डीके शिवकुमार के साथ कई राज्यों के पूर्व सीएम भी मौजूद रहे।
अखिलेश बोले- जारी रहेंगे धरना-प्रदर्शन
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि आंदोलन और धरना-प्रदर्शन जारी रहेंगे। लोकतंत्र को बचाना हमारी जिम्मेदारी है। भाजपा, चुनाव आयोग के साथ मिलकर संविधान और लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है। वे हमेशा सत्ता में बने रहना चाहते हैं। वे फर्जी वोटर लिस्ट बनाते हैं, फर्जी वोट डलवाते हैं और चुनाव नतीजों में हेरफेर करते हैं। हम सभी कानूनी और व्यावहारिक तरीके अपनाएंगे। सरकार को बात सुननी चाहिए और सीईसी को हटाना चाहिए। भाजपा को अपनी गलती माननी चाहिए।
उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन की जगह बदलने से समस्या हल नहीं होगी। अगर वे लोकतंत्र को मजबूत करना चाहते हैं, तो उन्हें विरोध-प्रदर्शन के लिए और जगहें बनानी चाहिए। सरकार सिर्फ जगह बदलकर खुद को नहीं बचा सकती है। विरोध-प्रदर्शन की जगह बदलने से सरकार की गलत हरकतें छिप नहीं सकतीं। हम लोकतंत्र के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे। संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों और खासकर युवा छात्रों के साथ बहुत अन्याय हो रहा है।




