
यूरोपीय संघ (ईयू) में नौकरियों के लिए खुलेगा रास्ता
• अपनी तरह की अनूठी शिक्षा साझेदारी, भारत-ईयू”मदर ऑफ ऑल डील्स” का लाभ उठाएगी
• ट्रिपल-क्राउन मान्यता प्राप्त फ्रांसीसी बिजनेस स्कूल केडजीई ने लॉन्च किए नए वैश्विक कार्यक्रम
मुंबई, दिव्यराष्ट्र*फ्रांस के प्रमुख ‘ट्रिपल-क्राउन’ मान्यता प्राप्त ग्लोबल मैनेजमेंट स्कूल, केडजीई बिजनेस स्कूल ने। भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए इसका विस्तार किया है। भारत की पहली लिबरल प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, विजयभूमि यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर एक ‘संबद्ध परिसर’ (एसोसिएटेड कैंपस) के रूप में, दोनों संस्थानों ने नए कार्यक्रमों की शुरुआत कर अपनी अग्रणी साझेदारी को और मजबूत किया है। हाल ही में हस्ताक्षरित भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते और नई शिक्षा नीति का लाभ उठाते हुए, ये कार्यक्रम भारतीय प्रतिभाओं के लिए यूरोपीय संघ में करियर के नए द्वार खोलेंगे।
यह ऐतिहासिक घोषणा भारत-फ्रांस शैक्षिक सहयोग में अभूतपूर्व वृद्धि के दौर में हुई है, जो फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा नई दिल्ली में की गई एक प्रमुख घोषणा के बाद आई है। राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत के साथ शैक्षिक संबंधों को मजबूत करने की फ्रांस की प्रतिबद्धता की पुष्टि की थी, जिसमें भारतीय छात्रों के लिए वीजा प्रक्रियाओं को सरल बनाना और अंग्रेजी में पढ़ाए जाने वाले उद्योग-उन्मुख कार्यक्रमों का विस्तार करना शामिल है, ताकि विश्व स्तरीय उच्च शिक्षा अधिक सुलभ और छात्र-केंद्रित हो सके।
केडजीई की नेतृत्व टीम ने हाल ही में नई दिल्ली का दौरा किया, जिसमें केडजीई बीएस के महानिदेशक (सीईओ) एलेक्जेंड्रे डे नैवेलिस और केडजीई बीएस के एसोसिएट डीन (प्रोग्राम्स एवं इंटरनेशनल) डॉ. सेलिन डेवेस्ने शामिल थे। उनकी मेजबानी विजयभूमि यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष औरआई एफआईएम संस्थानों के चेयरमैन संजय पडोडे ने की।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हाल ही में हस्ताक्षरित भारत-ईयू (ईयू) मुक्त व्यापार समझौते जिसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है, भारतीय छात्रों और पेशेवरों के लिए यूरोपीय संघ में अभूतपूर्व अवसर प्रदान करता है। वस्तुओं, सेवाओं और आवागमन (मोबिलिटी) की बाधाओं को दूर करके, यह समझौता भारत और यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के बीच छात्रों की गतिशीलता, शैक्षणिक आदान-प्रदान और पढ़ाई के बाद काम के अवसरों को सुगम बनाने के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार करता है।
भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) समझौते के तहत*
• भारतीय छात्रों और शोधकर्ताओं को यूरोपीय संघ में प्रवेश, प्रवास की अवधि और पढ़ाई के बाद काम की संभावनाओं पर अधिक स्पष्टता के साथ बेहतर आवागमन मार्गों का लाभ मिलेगा।
• यूरोपीय संघ एक व्यापक ‘मोबिलिटी फ्रेमवर्क’ पर सहमत हुआ है जो छात्रों, पेशेवरों और ‘इंट्रा-कंपनी ट्रांसफ़रीज़’ (कंपनी के भीतर स्थानांतरित होने वाले कर्मचारी) की आवाजाही का समर्थन करता है, जिससे सीमा पार शिक्षा और करियर की प्रगति अधिक सुगम और अनुमानित हो सकेगी।
• सेवा व्यापार और नियामक सहयोग पर की गई प्रतिबद्धताएं स्नातकों के लिए उन क्षेत्रों में यूरोपीय उद्योगों के साथ जुड़ने के व्यापक अवसरों का वादा करती हैं, जो वैश्विक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हाल ही में हस्ताक्षरित भारत-ईयू ( ईयू) मुक्त व्यापार समझौते , जिसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” कहा जा रहा है, भारतीय छात्रों और पेशेवरों के लिए यूरोपीय संघ में अभूतपूर्व अवसर प्रदान करता है। वस्तुओं, सेवाओं और आवागमन (मोबिलिटी) की बाधाओं को दूर करके, यह समझौता भारत और यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के बीच छात्रों की गतिशीलता, शैक्षणिक आदान-प्रदान और पढ़ाई के बाद काम के अवसरों को सुगम बनाने के लिए एक व्यापक ढांचा तैयार करता है।
केडजीई-विजयभूमि गठबंधन* लचीले अंतरराष्ट्रीय विकल्पों के साथ भारत में अत्याधुनिक बिजनेस प्रोग्राम पेश करके वैश्विक शिक्षा में एक नया अध्याय शुरू कर रहा है। छात्रों को केडजीई के वैश्विक पाठ्यक्रम, अनुभवात्मक शिक्षण पद्धति, उद्योग के प्रत्यक्ष अनुभव और दोहरी डिग्री के विकल्पों का लाभ मिलेगा, जो उन्हें भारत और विदेश स्थित केडजीई के परिसरों में अध्ययन करने में सक्षम बनाएंगे। अनुकूल नीतिगत समर्थन का लाभ उठाते हुए, विजयभूमि यूनिवर्सिटी और केडजीई ने शुरुआत में संयुक्त रूप से चार नए स्नातकोत्तर (पीजी) कार्यक्रम और एक स्नातक (यूजी) कार्यक्रम शुरू किया है, जिनमें ग्लोबल एमबीए—जो एक अद्वितीय तीन-महाद्वीपीय कार्यक्रम है, कामकाजी पेशेवरों के लिए ब्लेंडेड एमबीए, सप्लाई चेन में एमएससी स्पोर्ट्स मैनेजमेंट में एमएससी और इंटरनेशनल बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों के स्नातकों को फ्रांस/यूरोपीय संघ में काम करने के लिए प्राथमिकता मिलेगी। भविष्य में इन पाठ्यक्रमों की श्रृंखला में नए कोर्स भी जोड़े जाएंगे।
विजयभूमि यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट और आई एफ लआईएम संस्थानों के चेयरमैन संजय पडोडे ने कहा, “भारत-यूरोपीय संघ समझौते ने आवागमन को लेकर संरचनात्मक स्पष्टता पैदा की है, और हमारे जैसे संस्थानों को समान रूप से सुव्यवस्थित अकादमिक मार्गों के साथ इसका जवाब देना चाहिए। भारतीय छात्रों के लिए, वैश्विक शिक्षा का अर्थ है पोर्टेबिलिटी, पेशेवर पहुंच और दीर्घकालिक करियर के अवसर। केडजीई के साथ हमारी साझेदारी फ्रांस और व्यापक यूरोपीय संघ में एक विश्वसनीय अकादमिक और करियर सेतु बनाने के लिए डिज़ाइन की गई है, जो हमारे छात्रों को अपनी पसंद के देश से स्नातक करने और किफायती लागत पर अपनी पसंदीदा डिग्री चुनने की सुविधा प्रदान करती है। यह केडजीई के छात्रों को भारत में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर भी प्रदान करेगा। जैसे-जैसे भारत-फ्रांस आर्थिक जुड़ाव बढ़ रहा है, दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच प्रतिभा सबसे मजबूत मुद्रा होगी। यह ऐसे स्नातकों को तैयार करने की हमारी दीर्घकालिक संस्थागत प्रतिबद्धता है, जो अकादमिक उत्कृष्टता और उद्योग की प्रासंगिकता के साथ भारत और यूरोप के बीच निर्बाध रूप से आवागमन कर सकें। यह सहयोग भारतीय आकांक्षाओं और वैश्विक मंचों के बीच एक सेतु का निर्माण करता है। यह उन छात्रों और परिवारों की अपेक्षाओं को पूरा करता है जो ऐसी परिवर्तनकारी शिक्षा चाहते हैं जो सीमाओं से परे हो।”
केडजीई बीएस के महानिदेशक एलेक्जेंड्रे डे नैवेलिस ने कहा, “केडजीई में, हम भारत को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी लीडर्स तैयार करने में एक दीर्घकालिक रणनीतिक भागीदार के रूप में देखते हैं। भारत में हमारी प्रतिबद्धता ऐसे कार्यक्रम प्रदान करने की है जो उच्चतम अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करते हों और साथ ही यूरोपीय उद्योगों एवं नवाचार (इनोवेशन) इकोसिस्टम तक व्यवस्थित पहुंच सुनिश्चित करते हों। जेएजीएसओएम और विजयभूमि यूनिवर्सिटी के साथ हमारी साझेदारी पिछले 3 वर्षों में परिपक्व हुई है और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के हमारे मूल्य एवं उद्देश्य पूरी तरह से एक समान हैं। इस साझेदारी के साथ, हमें पूरा भरोसा है कि हम शिक्षा को दो गतिशील अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक स्थायी सेतु के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य को पूरा कर पाएंगे, और यह पहल उसी दिशा में एक कदम है। हम भारतीय छात्रों को इन परिणामों का लाभ उठाने और वैश्विक करियर बनाने में मदद करने के लिए विशिष्ट रूप से सक्षम हैं। आज की इस परस्पर जुड़ी दुनिया में, शिक्षा वैश्विक, समावेशी और युवाओं की आकांक्षाओं के अनुरूप होनी चाहिए।”
केडजीई बीएस एक ‘ट्रिपल-क्राउन’ मान्यता प्राप्त बिजनेस स्कूल है, जिसे एएसीएसबी , इक्विस और एएमबीए द्वारा मान्यता प्राप्त है। यह फ्रांस की ‘कन्फ्रेन्स डेस ग्रांडेस इकोल्स’ का सदस्य है, जो फ्रांस के अत्यंत प्रतिष्ठित, विशिष्ट और चयनात्मक उच्च शिक्षा संस्थानों का एक अनन्य समूह है। फ्रांस के शीर्ष 10 बी-स्कूलों में लगातार शुमार रहने वाले इस संस्थान के परिसर बोर्डो, मार्सिले, पेरिस, टूलॉन, डकार, आबिदजान, सूझोऊ और शंघाई में स्थित हैं। साथ ही, इसका एक एसोसिएट कैंपस कर्जत (महाराष्ट्र) में विजयभूमि यूनिवर्सिटी में संचालित है।
शिक्षण की गुणवत्ता के बारे में बात करते हुए केडजीईबीएस की एसोसिएट डीन (प्रोग्राम्स एवं इंटरनेशनल) प्रोफेसर सेलीन डेवेस्ने ने कहा, “केडजीई की वैश्विक मान्यता के जो उच्चतम शैक्षणिक मानक हैं, उन्हें भारत में संचालित कार्यक्रमों में भी पूरी तरह बरकरार रखा जाएगा। केडजीई के लिए ‘सीखने का आश्वासन’ अत्यंत महत्वपूर्ण है और हम सभी शिक्षार्थियों के लिए इसे सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास करते हैं।”
विजयभूमि यूनिवर्सिटी के कुलपति, प्रोफेसर रविकेश श्रीवास्तव ने कहा, “यह साझेदारी विजयभूमि की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है जिसके तहत हम ऐसी शिक्षा प्रदान करते हैं जो न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी प्रासंगिक है।”
जैसे-जैसे यह शैक्षणिक साझेदारी विस्तार ले रही है, केडजीई इंडिया के छात्र विभिन्न विकल्पों में भाग ले सकेंगे, जैसे कि दोहरी डिग्री, संरचित विनिमय (स्ट्रक्चर्ड एक्सचेंज) और फ्रांस एवं यूरोपीय संघ के नेटवर्क में मोबिलिटी मॉड्यूल। अधिक स्पष्ट और अनुमानित कानूनी मार्गों के समर्थन से छात्रों को पूरे यूरोप में पढ़ाई के बाद काम करने और इंटर्नशिप के अवसरों तक पहुंच प्राप्त होगी। छात्र उस एकीकृत शैक्षणिक डिज़ाइन से लाभ उठा सकेंगे जो भारत-यूरोपीय संघ के विकसित होते नीतिगत ढांचे के पूर्णतः अनुरूप है।
भारतीय छात्रों और परिवारों के लिए लाभ*
भारतीय छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए यह साझेदारी कई ठोस लाभ प्रदान करती है:
• अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त डिग्रियाँ: स्नातकों को ऐसी योग्यताएं प्राप्त होंगी जो भारत और पूरे यूरोप में मान्य हैं। इससे न केवल करियर की गतिशीलता बढ़ेगी, बल्कि वैश्विक स्तर पर रोजगार की संभावनाओं में भी इजाफा होगा।
• विस्तारित अंग्रेजी-माध्यम शिक्षा: राष्ट्रपति मैक्रों के विज़न के अनुरूप, पाठ्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला अंग्रेजी भाषा में पेश की जाएगी। इससे भाषा की बाधाएं कम होंगी और छात्रों के लिए वैश्विक स्तर की उत्कृष्ट शैक्षणिक सामग्री तक पहुंच आसान हो जाएगी।
• सुव्यवस्थित ग्लोबल मोबिलिटी: चूंकि फ्रांस भारतीय छात्रों के लिए वीजा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय शिक्षा का मार्ग अब अधिक व्यावहारिक, अनुमानित और परिवारों के लिए सुविधाजनक बन गया है।
• दोहरी डिग्री और विनिमय कार्यक्रम: छात्र लचीले अध्ययन विकल्पों का चयन कर सकते हैं, जिनमें फ्रांस में सेमेस्टर बिताना, वैश्विक कॉरपोरेशन के साथ इंटर्नशिप करना और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों व अनुसंधान मंचों में भाग लेना शामिल है।
• छात्रों का सर्वांगीण विकास: शैक्षणिक उत्कृष्टता के अलावा, यह साझेदारी नेतृत्व, उद्यमिता, डिजिटल दक्षता और अंतर-सांस्कृतिक संचार पर विशेष जोर देती है—जो 21वीं सदी के कार्यबल के लिए आवश्यक कौशल हैं।




