मुंबई, दिव्यराष्ट्र:/ यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन दिल्ली ने छात्रों में कार्यस्थल के अनुरूप कौशल विकसित करने के लिए जेनपेक्ट के साथ साझेदारी की है। इस लक्ष्य को मजबूत करने के लिए दोनों संस्थानों के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिसका उद्देश्य उद्योग और अकादमिक जगत के बीच सहयोग को बढ़ावा देना तथा ऐसे स्नातक तैयार करना है जो वैश्विक करियर बनाने में सक्षम हों।
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन दिल्ली गुड़गांव स्थित इंटरनेशनल टेक पार्क में बने अपने अत्याधुनिक कैंपस में जेनपेक्ट —जो एक एजेंटिक और उन्नत तकनीकी समाधान प्रदान करने वाली कंपनी है—के साथ अनुसंधान, नवाचार परियोजनाओं और सामुदायिक सहभागिता सहित कई पहलुओं पर निकट सहयोग करेगाछात्रों को विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने के बहुमूल्य अवसर मिलेंगे, जैसे—ड्रॉप-इन सेशन्स, एम्प्लॉयर टॉक्स, स्किल डेवलपमेंट वर्कशॉप्स और नेटवर्किंग इवेंट्स। यह साझेदारी जेनपेक्ट के लिए इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के माध्यम से प्रतिभाशाली स्नातकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करेगी।
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन के वाइस प्रेसिडेंट ( इंटरनेशनल और इंगेजमेंट) प्रोफेसर एंड्रयू एथर्टन ने कहा:“यह साझेदारी हमारे विश्वविद्यालय और जेनपेक्ट के बीच नवाचार, नागरिक एवं सामुदायिक पहलों पर दीर्घकालिक सहयोग की नींव रखती है। यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन दिल्ली में हम छात्रों को वैश्विक करियर के लिए आवश्यक कौशल और अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, और ऐसी साझेदारियाँ उनकी शैक्षणिक यात्रा को और समृद्ध बनाती हैं, साथ ही शिक्षा और शोध में हमारी विश्व-स्तरीय प्रतिष्ठा को भी मजबूत करती हैं।”
जेनपेक्ट की ग्लोबल हायरिंग लीडर , रितु भाटिया ने कहा:“भविष्य का कार्यक्षेत्र एआई डेटा और डोमेन विशेषज्ञता के संगम पर आधारित कौशल की मांग करता है। यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन दिल्ली के साथ हमारा सहयोग केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है; यह वैश्विक अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने वाली प्रतिभा के निर्माण में एक रणनीतिक निवेश है। हम छात्रों को व्यावहारिक और उद्योग-संबंधी ज्ञान से सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, ताकि वे भविष्य के मूल्यवान पेशेवर और नेता बन सकें। हम उन्हें जेनपेक्ट में शामिल होते देखने और नई नवाचार यात्रा का हिस्सा बनते देखने के लिए उत्साहित हैं।”
अगस्त में शुरू हुआ यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन, यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन(यूजीसी) द्वारा भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्वीकृत पहला अंतरराष्ट्रीय कैंपस है।
कैंपस प्रारंभिक चरण में अर्थशास्त्र, वित्त, कंप्यूटिंग और बिजनेस के स्नातक व स्नातकोत्तर कार्यक्रमों की पेशकश करेगा, जिनको विशेष रूप से वैश्विक करियर के लिए छात्रों को तैयार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
कैंपस में मिलने वाले सहायता संसाधनों के अलावा, छात्रों को यूनिवर्सिटी ऑफ साउथैम्पटन की व्यापक रोजगारयोग्यता से संबंधित सेवाओं तक भी पहुंच मिलेगी, जिसमें ऑनलाइन संसाधन, नियमित वर्कशॉप्स, वन-टू-वन करियर मार्गदर्शन और अनुभवी कैरियर पेशेवरों का सहयोग शामिल है।
यह साझेदारी दिल्ली कैंपस की बढ़ती रणनीतिक पहलों की श्रृंखला में एक और महत्वपूर्ण जोड़ है, जिनमें डिलॉइट इडिया इन्वेस्टेक और कॉमविवा के साथ सहयोग भी शामिल है।





