मणिपाल हॉस्पिटल ने दी मरीज को नई जिंदगी
कोलकाता, दिव्यराष्ट्र:/ अत्याधुनिक हृदय चिकित्सा और इंटरवेंशनल तकनीक का शानदार उदाहरण पेश करते हुए मणिपाल हॉस्पिटल, सॉल्ट लेक ने एक 42 वर्षीय मरीज के हृदय और पैरों की गंभीर रूप से अवरुद्ध धमनियों का सफल उपचार किया। मरीज लंबे समय से चलने के दौरान पैरों में दर्द और सांस फूलने की समस्या से जूझ रहा था।
जांच में सामने आया कि मरीज की हृदय की एलएडी धमनी में 90 प्रतिशत ब्लॉकेज था, जबकि दाईं कोरोनरी धमनी पूरी तरह बंद हो चुकी थी। इसके साथ ही दोनों पैरों की धमनियों में भी गंभीर अवरोध पाया गया, जिससे रक्त प्रवाह प्रभावित हो रहा था। [citation]
विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रो. पार्थ सारथी बनर्जी और उनकी टीम ने एक ही सत्र में जटिल एंजियोप्लास्टी कर हृदय और दाएं पैर की धमनी में रक्त प्रवाह बहाल किया। इस दौरान आधुनिक ड्रग-एल्यूटिंग बैलून और ड्रग-कोटेड सेल्फ-एक्सपैंडिंग स्टेंट का उपयोग किया गया।
डॉ. बनर्जी ने कहा कि मरीज में कोरोनरी आर्टरी डिजीज और पेरिफेरल आर्टेरियल डिजीज दोनों मौजूद थीं। ऐसे मामलों में उपचार बेहद चुनौतीपूर्ण होता है, विशेषकर तब जब मरीज की किडनी की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो। इसलिए कॉन्ट्रास्ट डाई का सीमित उपयोग करते हुए सावधानीपूर्वक प्रक्रिया की गई।
सफल उपचार के बाद मरीज की स्थिति स्थिर है और उन्हें काफी राहत मिली है। यह मामला समय पर जांच, जोखिम कारकों पर नियंत्रण और आधुनिक इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की प्रभावशीलता का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।





