
मुंबई, दिव्यराष्ट्र:/ गाजियाबाद की नेशनल फूड लैबोरेटरी (गाजियाबाद लैब) में हुई जाँच में लोट्टे इंडिया के सबसे पसंदीदा प्रोडक्ट लोट्टे चोको पाई का सैंपल तय खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरा है और इसे खाने के लिए पूरी तरह सुरक्षित पाया गया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से रेफरल फूड लैबोरेटरी के रूप में मान्यता प्राप्त नेशनल फूड लैबोरेटरी, गाजियाबाद में उसी बैच के सैंपल की जाँच की गई है, जिसके पहले के परीक्षण में कथित तौर पर मानकों पर खरा न उतरने की बात सामने आई थी। जाँच के नतीजे इस बात की पुष्टि करते हैं कि लोट्टे इंडिया भारतीय खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करने और ग्राहकों व व्यापारिक भागीदारों का भरोसा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।
गुणवत्ता के कड़े मानकों को बनाए रखने के लिए लोट्टे इंडिया ने सैंपल की स्वतंत्र जाँच कराने के अपने कानूनी अधिकार का इस्तेमाल किया। इसके तहत 10 अप्रैल, 2026 को बने बैच नंबर एनएम10डीसी2 का सैंपल छत्तीसगढ़ के दुर्ग स्थित एफडीए ने स्वतंत्र जाँच के लिए नेशनल फूड लैबोरेटरी, गाजियाबाद भेजा। लैब में हुई जाँच में पुष्टि हुई कि लोट्टे चोको पाई खाद्य सुरक्षा से जुड़े सभी लागू मानकों पर खरा उतरता है।
इस मामले पर टिप्पणी करते हुए, लोट्टे इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मिलन वाही ने कहा, “हमारे ग्राहकों की सुरक्षा और उनका भरोसा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। यह मामला सामने आते ही हमने तेजी से और जिम्मेदारी के साथ कदम उठाए। जाँच पूरी होने तक एहतियात के तौर पर संबंधित बैच को बाजार से वापस मंगाने का फैसला भी लिया। हम गुणवत्ता, खाद्य सुरक्षा और नियमों के पालन के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम चाहते हैं कि हमारे ग्राहक पूरे भरोसे के साथ लोट्टे चोको पाई का आनंद लेते रहें। हमें अपने ग्राहकों के जश्न और खुशी के पलों का हिस्सा होने पर गर्व है। इस दौरान, उनके लगातार मिलते भरोसे और सहयोग के लिए हम दिल से आभारी हैं।”
लोट्टे इंडिया यह स्पष्ट करना चाहती है कि लोट्टे चोको पाई पर कभी प्रतिबंध नहीं लगाया गया था और न ही इसे असुरक्षित घोषित किया गया था।




