
नया नेतृत्व तैयार करने के लिए विप्र फाउंडेशन ने किया दो दिवसीय आरोहण नायक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन
ऋषिकेश, दिव्यराष्ट्र/ समाज के सभी वर्गों को एक जुट कर जातियों की जकड़न तोड़ कर शिक्षा, संस्कार और रोजगार के माध्यम से नई मजबूती देने के लिए विप्र फाउंडेशन ने ऋषिकेश में शनिवार से दो दिवसीय आरोहण नायक प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया, जहां देशभर से चयनित 500 कार्यकर्ताओं को नेतृत्व, संगठन क्षमता और सामाजिक दायित्वों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने कहा कि समरस, सशक्त और प्रगतिशील समाज का निर्माण तभी संभव है, जब सर्व समाज को साथ लेकर आगे बढ़ा जाए।
शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए विप्र फाउंडेशन के संस्थापक सुशील ओझा ने नायक प्रशिक्षण शिविर के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि आरोहण से ही नेतृत्व का उदय होगा और आने वाले समय में यही नायक समाज के महानायक बनेंगे। उन्होंने कहा कि ऊँचाइयों को वही व्यक्ति छू सकता है, जो अनुशासित, प्रशिक्षित और उद्देश्यबोध से युक्त हो। ओझा ने स्पष्ट किया कि संगठन से जुड़े प्रत्येक कार्यकर्ता को यह भली-भाँति समझना चाहिए कि विप्र फाउंडेशन किन उद्देश्यों को लेकर समाज के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने संगठन की एक-एक गतिविधि की विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि संगठन को समझे बिना समाज के लिए प्रभावी कार्य संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि विप्र फाउंडेशन ने बीस सूत्री कार्यक्रम तय किए हैं, जिनके माध्यम से शिक्षा, रोजगार और स्वावलंबन को प्रमुख आधार बनाकर समाजोत्थान का कार्य किया जाएगा।
विप्र फाउंडेशन के मुख्य संरक्षक सत्यनारायण शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में ब्राह्मण समाज को एक सूत्र में पिरोए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सर्व समाज को साथ लेकर श्रेष्ठ कार्य किए जाएँ, तभी समाज का नाम और मान बढ़ेगा।
सत्र की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष राधेश्याम गुरुजी ने संगठन की विचारधारा रखते हुए कहा कि समाज को आगे ले जाने के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना शेष है, इसी आवश्यकता को देखते हुए विप्र फाउंडेशन ने नायक तैयार करने का संकल्प लिया है।
संगठन के संरक्षक बनवारी लाल सोती ने कहा कि शिक्षा और कन्या विवाह विप्र फाउंडेशन के गठन के मूल उद्देश्य रहे हैं।
महामंत्री के. के. शर्मा ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
आरोहण नायक प्रशिक्षण शिविर के दूसरे सत्र में सांगठनिक संरचना पर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. सी.ए. सुनील शर्मा, मुंबई ने प्रकाश डाला। उन्होंने संस्था की रीति और नीति पर वक्तव्य रखा। इस सत्र की अध्यक्षता विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज ने की। अतिथि वक्ता धीरज शर्मा गुरुग्राम थे जिन्होंने प्रभावी तरीक़े से संगठन के सूत्र बताये। संचालन राष्ट्रीय महामंत्री पवन पारीक ने की तथा आभार कामना खंडेलवाल ने व्यक्त किया।
इसी तरह अनुषांगिक संस्थाएं , प्रकल्प और अर्थ नीति सत्र में विप्र चेम्बर पर ऋषभ सुरोलिया , इस्पेक पर प्यारे लाल शर्मा, अन्य प्रकल्पों पर राजकुमार व्यास ने विचार रखे। अध्यक्षता पुरुषोत्तम शर्मा चाईबासा ने की। अतिथि वक्ता गिरीश जोशी, उदयपुर थे। संचालन भगवान व्यास, हैदराबाद ने किया, जबकि रमेश शर्मा, कोलकाता ने आभार व्यक्त किया।
मीडिया पर भी विशेष सत्र हुआ। वरिष्ठ पत्रकार विमलेश शर्मा की अध्यक्षता में हुए मीडिया सत्र में विषय वक्ता राजेन्द्र जोशी, बेंगलुरु, अतिथि वक्ता सुधीर शर्मा, अहमदाबाद थे। संचालन प्रद्युम्न सारस्वत तथा आभार सीए राजू शर्मा, नागपुर ने किया।
आरोहण प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन शुभाशीष देने जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरिजी महाराज भी मौजूद रहे ।




