जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर में ऑर्थोपेडिक्स एवं जॉइंट रिप्लेसमेंट विभाग की टीम ने 28 वर्षीय युवक का एक ही सर्जरी में दोनों हिप का सफल टोटल हिप रिप्लेसमेंट कर बड़ी उपलब्धि हासिल की। मरीज एवैस्कुलर नेक्रोसिस (एवीएन) बीमारी से पीड़ित था, जिसके कारण उसके दोनों हिप जॉइंट गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके थे।
मरीज लंबे समय से दोनों हिप में तेज दर्द, चलने में कठिनाई और दोनों जांघों को पर्याप्त रूप से फैलाने में असमर्थता जैसी समस्याओं से जूझ रहा था। इसके कारण न केवल उसकी चलने-फिरने की क्षमता प्रभावित हो रही थी, बल्कि ग्रोइन हाइजीन बनाए रखने में भी परेशानी हो रही थी। मरीज की कम उम्र और उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने पारंपरिक दो चरणों वाली सर्जरी के बजाय एक ही समय में दोनों हिप रिप्लेसमेंट करने का निर्णय लिया।
आमतौर पर इस तरह के मामलों में पहले एक हिप और कुछ महीनों बाद दूसरा हिप बदला जाता है। इस प्रक्रिया में मरीज को लगभग 6 से 8 महीने तक लंबे इलाज और रिकवरी से गुजरना पड़ता है। लेकिन नारायणा हॉस्पिटल की विशेषज्ञ टीम ने वन स्टेज बाइलेटरल टोटल हिप रिप्लेसमेंट कर मरीज को लंबे समय तक चलने वाली शारीरिक और मानसिक परेशानी से राहत दिलाई।
सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद मरीज के लिए विशेष फिजियोथेरेपी प्रोटोकॉल तैयार किया गया, ताकि दोनों पैरों पर वजन का संतुलन सही तरीके से बनाया जा सके। यह पूरी रिहैबिलिटेशन प्रक्रिया विशेषज्ञ निगरानी में संचालित की गई । विशेषज्ञ फिजियोथेरेपी और शुरुआती रिहैबिलिटेशन की मदद से मरीज 6 से 8 सप्ताह के भीतर सामान्य जीवन में लौट आया।
इस उपलब्धि पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए डॉ हेमेन्द्र कुमार अग्रवाल सीनियर कंसल्टेंट – ऑर्थोपेडिक्स एंड ज्वाइंट रिप्लेसमेंट नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर ने कहा, “ एवीएन जैसी बीमारी युवा मरीजों के जीवन की गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित करती है। मरीज को लगातार दर्द, चलने में कठिनाई और रोजमर्रा के कामों में परेशानी का सामना करना पड़ता है। यदि दो चरणों में सर्जरी की जाती तो मरीज को लंबे समय तक तकलीफ झेलनी पड़ती। ऐसे में हम ने एक ही सर्जरी में दोनों हिप बदलने का निर्णय लिया, जिससे मरीज को जल्दी राहत और बेहतर रिकवरी मिल सकी।”
बलविंदर सिंह वाला डायरेक्टर – नारायणा हॉस्पिटल जयपुर ने कहा, “नारायणा हॉस्पिटल जयपुर में हम जटिल सर्जिकल प्रक्रियाओं को आधुनिक तकनीक और अनुभवी विशेषज्ञों की मदद से सफलतापूर्वक पूरा कर रहे हैं। यह सफलता हमारी टीमवर्क, एडवांस इंफ्रास्ट्रक्चर और मरीज केंद्रित उपचार पद्धति को दर्शाती है।”
सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया और मरीज की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले डॉ .प्रदीप कुमार गोयल क्लिनिकल डायरेक्टर एंड एचओडी – कार्डियक एनेस्थेसियॉलजी नारायणा हॉस्पिटल जयपुर ने कहा, “दोनों हिप का एक साथ रिप्लेसमेंट करना चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया होती है। इसमें मरीज की स्थिति को लगातार स्थिर बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। हमारी टीम ने पूरी सर्जरी और पोस्ट ऑपरेटिव केयर के दौरान मरीज की बारीकी से निगरानी की, जिससे प्रक्रिया सुरक्षित और सफल रही।”
यह सफल सर्जरी उन युवा मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण बनी है, जो गंभीर हिप समस्याओं और लंबी सर्जिकल प्रक्रिया के डर से इलाज में देरी करते हैं।
नारायणा हॉस्पिटल के बारे में
नारायणा हेल्थ भारत के प्रमुख हेल्थकेयर नेटवर्क्स में से एक है, जो मल्टी सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सेवाओं, आधुनिक तकनीक और अनुभवी विशेषज्ञों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर मरीजों को उन्नत और विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।