जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ आईआईएस (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), जयपुर के भूगोल विभाग के सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर शुभेंदु मुखर्जी को वर्चुअल रियलिटी आधारित भूगोल शिक्षा पर किए गए शोध कार्य हेतु महत्वपूर्ण राष्ट्रीय स्तर की मान्यता प्राप्त हुई है। यह शोध कार्य उन्होंने अपने पीएच.डी. शोध के अंतर्गत किया है।
अपने शोध कार्य के दौरान उन्होंने एक इमर्सिव वर्चुअल रियलिटी आधारित शिक्षण प्रोटोटाइप विकसित किया तथा आईआईएस विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के स्नातक एवं स्नातकोत्तर विद्यार्थियों पर इसके विभिन्न पायलट अध्ययन सफलतापूर्वक संचालित किए गए। राजस्थान जियोस्पेशियल निदेशालय, जयपुर, सर्वे ऑफ इंडिया (भारत सरकार) ने विकसित प्रोटोटाइप एवं शोध ढांचे की तकनीकी समीक्षा कर उसे तकनीकी रूप से प्रमाणित किया तथा इसके लिए तकनीकी वैधीकरण प्रमाणपत्र जारी किया। यह शोध राजस्थान सरकार की एवीजीसीएक्सआर पॉलिसी के प्रभावी क्रियान्वयन एवं क्षेत्रीय विकास में महत्वपूर्ण सिद्ध होगा।
इसके अतिरिक्त, पायलट अध्ययन के निष्कर्षों पर आधारित शोध पत्र प्रस्तुत करने पर राजस्थान भौगोलिक संघ के 60वें राष्ट्रीय सम्मेलन में “यंग जियोग्राफर अवार्ड” से सम्मानित किया गया।
यह उपलब्धि आईआईएस विश्वविद्यालय में नवाचार आधारित शोध, भू-स्थानिक तकनीकों तथा तकनीक-सक्षम शिक्षा के बढ़ते शैक्षणिक वातावरण को दर्शाती है।