
2300 मिमी वर्टिकल फॉइल सेपरेटर के कमीशनिंग के साथ परिचालन क्षमताओं का किया विस्तार
नई दिल्ली, दिव्यराष्ट्र/ भारत की अग्रणी एकीकृत धातु उत्पादक कंपनियों में से एक, श्याम मेटलिक्स एंड एनर्जी लिमिटेड ने अपने पाकुरिया संयंत्र में नई मशीनरी के शामिल किए जाने के साथ अपनी उत्पादन क्षमताओं का विस्तार किया है। यह पहल कंपनी के संचालन में निरंतर सुधार और बढ़ती मांग को पूरा करने के प्रयासों का हिस्सा है।
कंपनी ने दो नए एनीलिंग फर्नेस का सफलतापूर्वक कमीशनिंग कर वाणिज्यिक उत्पादन भी प्रारंभ कर दिया है। इनमें से एक इकाई की क्षमता 25 एमटी प्रति वर्ष है, जबकि दूसरी की क्षमता 30 एमटी प्रति वर्ष है। ये इकाइयाँ एनीलिंग प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाने और उत्पादन दक्षता में सुधार करने में सहायक होंगी। साथ ही, इन फर्नेस से उत्पादन में बेहतर स्थिरता और समग्र उत्पाद गुणवत्ता में सुधार की अपेक्षा है।
इसके अतिरिक्त, श्याम मेटालिक्स ने 2300 मिमी वर्टिकल फॉइल सेपरेटर का भी कमीशनिंग किया है। यह उपकरण 6 से 15 माइक्रॉन की मोटाई सीमा के अंतर्गत अल्ट्रा-लाइट गेज ( और लाइट गेज फॉइल का सटीक पृथक्करण संभव बनाता है। इस सुविधा के जुड़ने से कंपनी अब ग्राहकों की विशेष और अधिक सटीक आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेगी।
ये सभी उन्नयन मिलकर पाकुरिया इकाई में प्रक्रिया नियंत्रण को बेहतर बनाएंगे और विनिर्माण क्षमताओं को मजबूत करेंगे, साथ ही कंपनी के वैल्यू-ऐडेड उत्पाद पोर्टफोलियो के विस्तार के प्रयासों को भी समर्थन देंगे।
इस विकास पर टिप्पणी करते हुए, बृज भूषण अग्रवाल, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, श्याम मेटालिक्स एंड एनर्जी लिमिटेड ने कहा, “हम लक्षित उन्नयनों और बेहतर प्रक्रियाओं के माध्यम से अपने संचालन को निरंतर मजबूत करने पर कार्य कर रहे हैं। पाकुरिया में किए गए ये अतिरिक्त निवेश हमें दक्षता बढ़ाने और अपने ग्राहकों को अधिक स्थिर एवं उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद प्रदान करने में सक्षम बनाएंगे। जैसे-जैसे मांग विकसित हो रही है, हम त्वरित और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने के लिए उपयुक्त क्षमताओं के निर्माण पर केंद्रित हैं।”
ये सभी अतिरिक्त सुविधाएं श्याम मेटालिक्स की व्यापक योजना का हिस्सा हैं, जिसके तहत कंपनी अपनी विनिर्माण क्षमता को निरंतर सुदृढ़ करने और बाजार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप बने रहने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।


