
भीलवाड़ा, दिव्यराष्ट्र। उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की दिशा में संगम विश्वविद्यालय ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए यूजीसी–मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र (एमएमटीटीसी), महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएसयू), अजमेर के साथ एक प्रतिष्ठित समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस सहयोग का मुख्य उद्देश्य शिक्षक विकास कार्यक्रमों का आयोजन, संयुक्त शोध गतिविधियों को प्रोत्साहन, शैक्षणिक एवं तकनीकी ज्ञान का आदान-प्रदान, अकादमिक गतिविधियों में सहभागिता तथा विद्यार्थियों के लिए बेहतर प्रशिक्षण एवं विकास के अवसर उपलब्ध कराना है। यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक उत्कृष्टता और संस्थागत विकास के नए आयाम स्थापित करेगा।
एमओयू पर हस्ताक्षर समारोह प्रो. सुरेश अग्रवाल, कुलपति, महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर; प्रो. करुणेश सक्सेना, कुलपति, संगम विश्वविद्यालय; डॉ. आलोक कुमार, कुलसचिव, संगम विश्वविद्यालय; श्री कैलाश चंद्र शर्मा, कुलसचिव, एमडीएसयू, अजमेर तथा प्रो. शिव प्रसाद, डीन मैनेजमेंट एवं निदेशक, एमएमटीटीसी की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।
–गौरतलब है कि हाल ही में संगम विश्वविद्यालय में स्पोकन ट्यूटोरियल, एडूपिरामिड्स एवं साइन आईआईटी बॉम्बे के सहयोग से राजस्थान की प्रथम स्पोकन ट्यूटोरियल स्किल एक्सेलरेटर लैब स्थापित की गई है। इस अत्याधुनिक पहल के माध्यम से महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर के विद्यार्थी भी शैक्षणिक एवं तकनीकी गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग ले सकेंगे तथा उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास के अवसर प्राप्त करेंगे।यह पहल भविष्य में उद्योगों, स्टार्टअप्स तथा दोनों शैक्षणिक संस्थानों के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करेगी और विद्यार्थियों को रोजगार, नवाचार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करेगी।
यह समझौता गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, शिक्षक सशक्तिकरण एवं कौशल आधारित शिक्षा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा






