दिव्यराष्ट्र, नई दिल्ली: पोवा का अब तक का सबसे दमदार स्मार्टफोन पोवा 8 18 जून से आधिकारिक रूप से पूरे भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध होगा। आकर्षक डिज़ाइन, शानदार अलाइव मैट्रिक्स, इंडस्ट्री की सबसे बड़ी 8000एमएएच बैटरी और इंटेलिजेंट ट्रिपल-चिपसेट कनेक्टिविटी के साथ पोवा 8 उन ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है जो साधारण विकल्पों से संतुष्ट नहीं होते। पोवा का हमेशा से मानना रहा है कि स्मार्टफोन सिर्फ़ एक डिवाइस नहीं, बल्कि व्यक्ति की पहचान की निशानी होनी चाहिए। पोवा 8 के साथ, ब्रांड ने स्मार्टफोन डिज़ाइन की सीमाओं को और आगे बढ़ाते हुए आर्मर प्लेट डिज़ाइन, मशीन एस्थेटिक्स और डिजिटल आर्किटेक्चर से प्रेरित भविष्यवादी विज़ुअल लैंग्वेज को अपनाया है, जो इसे एक विशिष्ट और आकर्षक पहचान प्रदान करती है।
इस अनुभव का केंद्र है अलाइव मैट्रिक्स, एक इंटरैक्टिव रियर लाइटिंग सिस्टम जो म्यूज़िक, नोटिफिकेशन और अन्य गतिविधियों के अनुसार तेज़ी से प्रतिक्रिया देता है। यह सिर्फ़ देखने में आकर्षक चीज़ नहीं है, बल्कि रोज़मर्रा के स्मार्टफोन उपयोग को अधिक दिलचस्प अनुभव में बदल देता है, जिससे डिवाइस एक्सप्रेसिव, डायनामिक और गतिशील लगता है। 16-बिट व्हाइट और टर्मिनल ग्रीन रंगों में उपलब्ध पोवा 8 को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह उपयोगकर्ता के स्क्रीन अनलॉक करने से पहले ही लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर ले।
इस पैकेज की वैल्यू को और बढ़ाने के लिए, हर पोवा 8 के साथ 3 महीने का मुफ़्त गूगल एआई प्रो सब्सक्रिप्शन और 2टीबी क्लाउड स्टोरेज मिलता है, जिससे यूज़र्स को एडवांस्ड एआई-पावर्ड टूल्स और प्रीमियम प्रोडक्टिविटी फ़ीचर्स का एक्सेस तुरंत मिल जाता है। अपने शानदार और कूल डिज़ाइन के अलावा, पोवा 8 उन यूज़र्स के लिए तैयार किया गया है जो हमेशा सक्रिय और गतिशील जीवनशैली जीते हैं। इस स्मार्टफ़ोन में इंडस्ट्री की सबसे बेहतरीन 8000एमएएच की बैटरी है, जो 45वॉट फ़ास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। इससे यूज़र्स बिना बैटरी खत्म होने की चिंता किए लंबे समय तक गेमिंग, स्ट्रीमिंग और क्रिएटिंग कर सकते हैं और कनेक्टेड रह सकते हैं।
पोवा 8 के एडवांस्ड ट्रिपल-चिपसेट कनेक्टिविटी आर्किटेक्चर के साथ कनेक्टिविटी सबसे अहम हो जाती है। इसमें प्राइमरी प्रोसेसर के साथ काम करने वाले खास जी1 और एसई1 चिपसेट शामिल हैं। 20 5जी बैंड्स के सपोर्ट के साथ, यह डिवाइस अलग-अलग माहौल में बेहतर सिग्नल प्राप्ति, नेटवर्क की बेहतर स्टेबिलिटी और ज़्यादा भरोसेमंद कनेक्टिविटी का अनुभव देता है।