नई दिल्ली, दिव्यराष्ट्र: भारत की अग्रणी औद्योगिक एवं खनन रसायन तथा उर्वरक निर्माता कंपनियों में से एक दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (DFPCL) ने 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही (Q1 FY27) के वित्तीय परिणामों की घोषणा की।
Q1 FY27 की प्रमुख उपलब्धियां
अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण उत्पन्न अस्थिरता एवं आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के बावजूद कंपनी का समेकित राजस्व (Consolidated Revenue) वर्ष-दर-वर्ष (YoY) 22% बढ़कर रू.3,256 करोड़ तथा पिछली तिमाही (QoQ) की तुलना में 8% बढ़ा। यह वृद्धि अमोनिया, माइनिंग केमिकल्स तथा इंडस्ट्रियल केमिकल्स में बेहतर प्राप्तियों (Realisations) के कारण संभव हुई। TAN एवं IPA की मात्रा (Volumes) में अस्थायी व्यवधान के बावजूद उद्योग में अनुकूल मूल्य निर्धारण (Pricing) ने मजबूत राजस्व वृद्धि को समर्थन दिया।
ऑपरेटिंग EBITDA रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर रू.845 करोड़ रहा, जो YoY 65% तथा QoQ 139% की वृद्धि दर्शाता है। Equinor LNG आपूर्ति शुरू होने तथा TAN, नाइट्रिक एसिड एवं IPA में बेहतर प्राप्तियों के कारण सभी प्रमुख व्यवसायों में मार्जिन का विस्तार हुआ। EBITDA मार्जिन बढ़कर 26.0% हो गया।
शुद्ध लाभ (Net Profit) में YoY 101% तथा QoQ 252% की वृद्धि दर्ज की गई और यह रू.490 करोड़ रहा। यह एकीकृत मूल्य श्रृंखला (Integrated Value Chain) में बेहतर परिचालन लाभ (Operating Leverage) और मजबूत लाभप्रदता का परिणाम है।
रणनीतिक पूंजीगत निवेश (Strategic Capex) और परियोजनाओं पर निवेश जारी रहने के बावजूद कंपनी का शुद्ध ऋण (Net Debt) घटकर रू.4,719 करोड़ रह गया। साथ ही Net Debt/EBITDA अनुपात में उल्लेखनीय सुधार होकर 1.4x हो गया, जो मजबूत नकदी सृजन (Cash Generation) और संतुलित वित्तीय प्रबंधन को दर्शाता है।
कंपनी के प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए DFPCL के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक शैलेश सी. मेहता ने कहा: “Q1 FY27 हमारी कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का प्रतीक है। इस तिमाही में हमने अब तक का सर्वाधिक EBITDA और PAT दर्ज या है। अमेरिका-ईरान संघर्ष के कारण उत्पन्न भारी अस्थिरता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के बावजूद, हमारे लाभ में दोगुनी वृद्धि ने हमारी रणनीति और बिजनेस मॉडल की तीन मूलभूत ताकतों को एक बार फिर प्रमाणित किया है।
पहली ताकत हमारी एकीकृत मूल्य श्रृंखला है, जो LNG, अमोनिया और डाउनस्ट्रीम उत्पादों तक फैली हुई है। यह एकीकरण न केवल आपूर्ति और लागत संबंधी जोखिमों को कम करता है, बल्कि पूरी मूल्य श्रृंखला में अधिक मूल्य सृजित करने और भिन्न बाजार चक्रों के दौरान लाभप्रदता बनाए रखने में भी सक्षम बनाता है।