मुम्बई दिव्यराष्ट्र:/ महाराष्ट्र में लंबे समय तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का मतलब बड़े शहरों की ओर पलायन माना जाता रहा। छोटे शहरों के छात्र पुणे और मुंबई का रुख करते थे। अब राज्य के भीतर ही ऐसे नए शैक्षणिक संस्थान उभर रहे हैं, जो छात्रों को घर के निकट रहकर आधुनिक और भविष्य उन्मुख शिक्षा का अवसर दे रहे हैं। आज छात्रों और अभिभावकों के लिए केवल कॉलेज का नाम ही महत्वपूर्ण नहीं रह गया है, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर, इंडस्ट्री एक्सपोजर, वैश्विक सहयोग, सुरक्षा, खर्च और घर से दूरी जैसे पहलू भी फैसले का हिस्सा बन चुके हैं। यही कारण है कि मुंबई–पुणे कॉरिडोर अब तेजी से उच्च शिक्षा का नया केंद्र बनता दिखाई दे रहा है। इसी बदलाव के बीच करजत स्थित विजयभूमि यूनिवर्सिटी चर्चा में है। पश्चिमी घाट की पहाड़ियों के बीच फैला 53 एकड़ का यह आवासीय कैंपस मुंबई और पुणे के बीच स्थित है, जिससे राज्य के विभिन्न हिस्सों से आने वाले छात्रों के लिए यहां पहुंचना अपेक्षाकृत आसान हो जाता है। यूनिवर्सिटी आधुनिक शिक्षण पद्धति, इंडस्ट्री इंटरैक्शन और इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग पर जोर देती है, ताकि छात्रों को केवल डिग्री ही नहीं बल्कि वास्तविक पेशेवर दुनिया के लिए भी तैयार किया जा सके।आगे बताते हुए विजयभूमि यूनिवर्सिटी के डॉ. नवनीत शर्मा डीन प्रोफेसर विजयभूमि यूनिवर्सिटी ने कहा विजयभूमि यूनिवर्सिटी की एक खास पहल महाराष्ट्र डोमिसाइल छात्रों के लिए दी जा रही फीस राहत है। विश्वविद्यालय कई कार्यक्रमों में छात्रों को ट्यूशन फीस पर लगभग 75 प्रतिशत तक का लाभ दे रहा है, जिससे प्रति वर्ष करीब 1 लाख रुपये तक की बचत संभव हो सकती है। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और रक्षा कर्मियों के बच्चों के लिए भी वित्तीय सहायता की व्यवस्था की गई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तरह की पहलें महाराष्ट्र के छात्रों के लिए बड़ा बदलाव ला सकती हैं। डॉ. नवनीत शर्मा ने कहा अब छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बेहतर करियर अवसरों के लिए हमेशा राज्य से बाहर जाने की जरूरत महसूस नहीं होगी। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में यह बदलाव केवल नए कैंपस बनने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उस सोच को भी बदल रहा है जिसमें सफलता को घर से दूर जाने से जोड़ा जाता था। अब महाराष्ट्र के भीतर ही ऐसे विकल्प तैयार हो रहे हैं, जो छात्रों को परिवार और परिचित माहौल के करीब रहकर भी बड़े अवसर हासिल करने का भरोसा दे रहे हैं।