भीलवाड़ा, दिव्यराष्ट्र:/ तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए संगम विश्वविद्यालय, भीलवाड़ा में स्पोकन ट्यूटोरियल स्किल एक्सेलरेटर लैब का शुभारंभ किया गया। यह राजस्थान में स्थापित अपनी तरह की प्रथम लैब है, जो अपने आप में एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। यह पहल विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने तथा उन्हें उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
यह लैब विशेष रूप से विद्यार्थियों के कौशल विकास को ध्यान में रखते हुए स्थापित की गई है, जिससे वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (नेप 2020) के अनुरूप व्यावहारिक एवं रोजगारपरक दक्षताओं को विकसित कर सकें। उल्लेखनीय है कि संगम विश्वविद्यालय ने नैप 2020 को अपने पाठ्यक्रम में पहले से ही समाहित किया हुआ है, और यह पहल उसी दिशा में एक सशक्त प्रयास है।
साथ ही, इस लैब की स्थापना से केवल संगम विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को ही नहीं, बल्कि भीलवाड़ा एवं आसपास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों और युवा प्रतिभाओं को भी लाभ मिलेगा। यह पहल क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा के स्तर को सुदृढ़ करेगी तथा उन विद्यार्थियों के लिए भी नए अवसर प्रदान करेगी जो आधुनिक तकनीकी संसाधनों और प्रशिक्षण सुविधाओं से अब तक वंचित रहे हैं। इस लैब के माध्यम से स्थानीय युवाओं को उद्योगोन्मुखी प्रशिक्षण, डिजिटल दक्षता एवं प्रमाणन के अवसर प्राप्त होंगे, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
यह पहल क्षेत्रीय स्तर पर स्किल डेवलपमेंट हब के रूप में विकसित होने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है, जो भविष्य में उद्योगों, स्टार्टअप्स एवं शैक्षणिक संस्थानों के बीच सेतु का कार्य कर सकता है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में स्पोकन ट्यूटोरियल, एडूपिरामिड्स एवं साइन, आईआईटी बॉम्बे की ओर से स्वप्नाली कदम, संगम विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की माननीय सदस्य पलक मोदानी, शिखा त्रिपाठी कुलपति प्रो. करुणेश सक्सेना, कुलसचिव डॉ. आलोक कुमार, डॉ. लोकेश कुमार त्रिपाठी एवं डॉ. विकास सोमानी सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में पलक मोदानी ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में तकनीकी दक्षता और रोजगारपरक कौशल सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से स्पोकन ट्यूटोरियल के माध्यम से उपलब्ध ओपन-सोर्स प्रौद्योगिकियों को सीखकर स्वयं को आत्मनिर्भर एवं उद्योगोन्मुखी बनाने का आह्वान किया।
कुलपति प्रो. करुणेश सक्सेना ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक ज्ञान ही नहीं, बल्कि उद्योग की अपेक्षाओं के अनुरूप व्यावहारिक कौशल भी प्रदान करना है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्पोकन ट्यूटोरियल स्किल एक्सेलरेटर लैब विद्यार्थियों के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी तथा उनकी रोजगार क्षमता को सुदृढ़ बनाएगी। वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का प्रभाव दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन सहित लगभग प्रत्येक क्षेत्र में एआई आधारित तकनीकों का व्यापक उपयोग हो रहा है। ऐसे परिवेश में विद्यार्थियों को उभरती प्रौद्योगिकियों एवं डिजिटल कौशलों से सशक्त बनाने के उद्देश्य से स्पोकन ट्यूटोरियल स्किल एक्सेलरेटर लैब की स्थापना एक महत्वपूर्ण पहल है।
कुलपति प्रो. करुणेश सक्सेना ने बताया कि संगम विश्वविद्यालय के 2000 से अधिक विद्यार्थी स्पोकन ट्यूटोरियल के प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम पूर्ण कर चुके हैं, जो विश्वविद्यालय में तकनीकी कौशल विकास के प्रति विद्यार्थियों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है।
कुलसचिव डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि इस पहल के अंतर्गत विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को 125 से अधिक ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर पाठ्यक्रमों एवं शिक्षण मॉड्यूल्स तक पहुंच उपलब्ध होगी। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से प्रतिभागी संरचित प्रशिक्षण एवं प्रमाणन कार्यक्रमों में भाग लेकर व्यावहारिक तकनीकी कौशल अर्जित कर सकेंगे। सफल प्रतिभागियों को आईआईटी बॉम्बे द्वारा प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।
डॉ. लोकेश कुमार त्रिपाठी एवं डॉ. विकास सोमानी ने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान, संप्रेषण कौशल, डिजिटल दक्षता एवं आत्मविश्वास को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
यह पहल संगम विश्वविद्यालय की गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के प्रति प्रतिबद्धता का एक सशक्त उदाहरण है। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागाध्यक्षों, संकाय सदस्यों तथा विद्यार्थियों ने सहभागिता की।