जयपुर दिव्यराष्ट्र:/ राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) तथा राजस्थान सरकार ने राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों को जल-सुरक्षित, जलवायु-अनुकूल और उद्यम-संचालित बनाने के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ. शाजी कृष्णन वी. और राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के बीच जयपुर में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई।
बैठक में जल सुरक्षा, जलवायु अनुकूलन, डिजिटल कृषि, ग्रामीण ऋण व्यवस्था, कृषि विपणन तथा सहकारिता के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने पर व्यापक चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने ग्रामीण विकास में नाबार्ड के योगदान की सराहना करते हुए राज्य और नाबार्ड के बीच मजबूत साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
नाबार्ड अध्यक्ष ने कहा कि अब विकास का अगला चरण केवल आधारभूत परिसंपत्तियों के निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ग्रामीण उद्यमों की स्थापना, जलवायु अनुकूलन और आजीविका में ठोस एवं मापनीय सुधारों पर केंद्रित होना चाहिए।
बैठक में जल सुरक्षा को ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता माना गया। नाबार्ड ने सिंचाई आधुनिकीकरण, भूजल पुनर्भरण, जल संरक्षण, वाटरशेड विकास तथा नदी जोड़ो परियोजनाओं के लिए वित्तीय एवं तकनीकी सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। इसके लिए आरआईडीएफ समेत विभिन्न वित्तीय तंत्रों के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
सहकारी संस्थाओं और पैक्स को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बनाने पर भी सहमति बनी। नाबार्ड ने इन्हें केवल ऋण वितरण संस्थाओं के बजाय कृषि इनपुट, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और ग्रामीण खुदरा कारोबार से जुड़े आत्मनिर्भर उद्यमों के रूप में विकसित करने की बात कही।
बैठक में डिजिटल कृषि और ग्रामीण ऋण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण, एग्रीस्टैक और डिजिटल फसल सर्वेक्षण डेटा के उपयोग पर भी जोर दिया गया। इससे किसानों को त्वरित और पारदर्शी ऋण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।
कृषि विपणन को मजबूत बनाने के लिए ई-नाम प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग, डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने तथा किसानों, किसान उत्पादक संगठनों और सहकारी संस्थाओं को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में अक्टूबर 2026 में राजस्थान सरकार और नाबार्ड के संयुक्त तत्वावधान में ‘ग्रामीण विकास सम्मेलन’ आयोजित करने का निर्णय लिया गया। सम्मेलन में विभिन्न वित्तीय संस्थानों, विकास एजेंसियों और हितधारकों की भागीदारी के साथ जलवायु-अनुकूल एवं जल-सुरक्षित ग्रामीण राजस्थान के लिए व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
इस बैठक को राजस्थान में जल सुरक्षा, डिजिटल कृषि, सहकारिता आधारित उद्यमिता और सतत ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
