
दिव्यराष्ट्र, जयपुर: सूचीबद्ध गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) मेगा कॉरपोरेशन लिमिटेड ने बुधवार को बताया कि उसने राजस्थान फाइनेंशियल सर्विसेज डिलीवरी लिमिटेड (RFSDL)-जो राजस्थान सरकार की एक इकाई है-के साथ एक निर्णायक समझौता किया है। इसके तहत पात्र सरकारी कर्मचारियों के लिए राज्य-स्तरीय, तकनीक-आधारित वेतन-लिंक्ड एडवांस (salary-linked advance) कार्यक्रम लागू किया जाएगा। यह साझेदारी मेगा कॉरपोरेशन की सरकारी-समर्थित वित्तीय अवसंरचना (government-anchored financial infrastructure) में औपचारिक प्रवेश को दर्शाती है और कंपनी को सार्वजनिक क्षेत्र कल्याण, विनियमित ऋण व्यवस्था और बड़े पैमाने पर डिजिटल क्रियान्वयन के संगम पर स्थापित करती है।
इस अवसर पर टिप्पणी करते हुए, मेगा कॉरपोरेशन के कार्यकारी निदेशक कुणाल ललानी ने कहा,“ आरएफएसडीएल और राजस्थान सरकार के साथ यह साझेदारी मेगा कॉरपोरेशन के लिए एक निर्णायक क्षण है। यह हमारी अनुपालन क्षमता, तकनीक और क्रियान्वयन कौशल में रखे गए विश्वास को दर्शाती है तथा सार्वजनिक क्षेत्र में जिम्मेदार, स्केलेबल और सामाजिक रूप से सार्थक वित्तीय समाधान विकसित करने की हमारी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है।”
समझौते के तहत, मेगा कॉरपोरेशन अपने स्वामित्व वाले डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म लेंडिंगो (Lendingo)को तैनात करेगा, जिसके माध्यम से वेतन के विरुद्ध पूर्णतः विनियमित, पारदर्शी और पेरोल-एकीकृत अग्रिम राशि प्रदान की जाएगी। यह प्लेटफॉर्म राज्य सरकार की वित्तीय और कोषागार प्रणालियों के साथ सहज रूप से एकीकृत होगा, जिससे वेतन कटौती के माध्यम से संरचित वसूली सुनिश्चित की जा सकेगी।
यह कार्यक्रम सरकारी कर्मचारियों को अल्पकालिक ऋण तक सहज डिजिटल पहुंच प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है, साथ ही पारदर्शिता, ऑडिट-क्षमता और नियामकीय अनुपालन के उच्च मानकों को बनाए रखा गया है। यह पहल भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की डिजिटल लेंडिंग गाइडलाइंस, डेटा लोकलाइजेशन मानदंडों और अन्य लागू नियामकीय ढांचों के पूर्ण अनुपालन में संरचित की गई है।


