मुंबई, दिव्यराष्ट्र/ भारत की प्रमुख गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में से एक, एलएंडटी फाइनेंस लिमिटेड ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही में रु.975 करोड़ का समेकित कर-पश्चात लाभ दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 33प्रतिशत अधिक है। इस तिमाही के दौरान, एलटीएफ ने रु.1,36,635 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा समेकित ऋण बुक हासिल करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 28प्रतिशत अधिक है। इस तिमाही में कंपनी का खुदरा ऋण बुक रु.1,34,600 करोड़ तक पहुँच गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 29प्रतिशत अधिक है। कंपनी ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही में रु.24,027 करोड़ का मजबूत खुदरा ऋण वितरण दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 27प्रतिशत अधिक है और कारोबार की निरंतर गति को दर्शाता है। परिसंपत्तियों की गुणवत्ता में सुधार, ऋण लागत में कमी और परिसंपत्तियों पर अधिक रिटर्न कंपनी के लाभप्रदता पर केंद्रित तथा जोखिम के अनुरूप संतुलित विकास के दृष्टिकोण को मजबूत करते हैं। इसके साथ ही, कंपनी ने एआई-आधारित ऋणदाता के रूप में विकसित होने के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग को तेज़ किया है।
वित्तीय परिणामों पर टिप्पणी करते हुए, एलटीएफ के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सुदीप्ता रॉय ने कहा क्यू2एफवाई27 एलएंडटी फाइनेंस के लिए एक और मजबूत तिमाही रही, जिसमें कारोबार के सभी प्रमुख मानकों पर अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला। इससे निरंतर व्यावसायिक गति के साथ हमारे ‘लक्ष्य 2031’ के सफर के लिए एक मजबूत आधार तैयार हुआ है। ये परिणाम हमारे विविध खुदरा कारोबार की मजबूती, कार्यान्वयन में अनुशासन और सतत विकास हासिल करने के प्रति हमारी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिसमें जोखिम के अनुरूप संतुलित विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। व्यापक आर्थिक परिस्थितियों में अनिश्चितता, महँगाई के दबाव और मौसमी प्रतिकूलताओं के बावजूद, हमारे मजबूत व्यावसायिक मॉडल ने हमें इन आर्थिक परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने में सक्षम बनाया। साथ ही, हमने गोल्ड फाइनेंस, संपत्ति के बदले माइक्रो लोन, पर्सनल लोन और दोपहिया वाहन वित्त जैसे प्रमुख क्षेत्रों का विस्तार भी किया। हमारा दृष्टिकोण अनुशासित ऋण मूल्यांकन, जोखिम नियंत्रण के मजबूत उपायों, पोर्टफोलियो की विस्तृत निगरानी और एक सुदृढ़ ऋण वसूली व्यवस्था पर आधारित रहेगा। हमारा मानना है कि जिम्मेदार विकास और पोर्टफोलियो की बेहतर गुणवत्ता साथ-साथ चलनी चाहिए।”