जयपुर, दिव्यराष्ट्र/ एबॉट के भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, हांगकांग, ताइवान और कोरिया में कार्डियक रिद्म मैनेजमेंट व्यवसाय के जनरल मैनेजर अजय सिंह चौहान का कहना है कि, “दिल की धड़कनों की रिद्म संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए सबसे ज़रूरी है कि उन्हें समय पर सही इलाज मिले, ताकि वे जल्द सामान्य जीवन में लौट सकें। एबॉट में हमारा प्रयास है कि मरीजों के इलाज की पूरी प्रक्रिया को आसान बनाया जाए। इसके लिए हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी की मदद से बीमारी की समय रहते पहचान करने और ब्रैडीकार्डिया जैसी समस्याओं के लिए आधुनिक इलाज उपलब्ध कराने पर काम कर रहे हैं।“ लीडलेस पेसमेकर जैसी आधुनिक तकनीकों को इस तरह विकसित किया गया है कि लीड्स से जुड़ी समस्याओं और संक्रमण के खतरे को कम किया जा सके।
डॉ. संजीब रॉय, डायरेक्टर कार्डियोलॉजी, सीके बिड़ला हॉस्पिटल, जयपुर, ने कहा, “हर साल बड़ी संख्या में लोग दिल की धड़कनों की रिद्म संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए पेसमेकर लगवाते हैं। पारंपरिक पेसमेकर प्रभावी होते हैं, लेकिन लीडलेस पेसमेकर एक ऐसा विकल्प है, जिसे लगाने के लिए शरीर में कम हस्तक्षेप करना पड़ता है। इसमें छाती पर कोई निशान दिखाई नहीं देता और प्रक्रिया से जुड़े जोखिम भी कम होते हैं। सही मरीजों के लिए यह तकनीक जल्दी स्वस्थ होने, अधिक आराम महसूस करने और जल्द सामान्य दिनचर्या में लौटने में मदद कर सकती है।”
आज के समय में अधिक से अधिक लोग ऐसे उपचार की तलाश में हैं, जो उनकी जीवनशैली के अनुरूप हो। ऐसे में इस तरह की आधुनिक तकनीकें भारत जैसे देश में और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती हैं, जहां इलाज के बाद नियमित फॉलो-अप कराना कई बार चुनौतीपूर्ण होता है। ये तकनीकें इलाज की प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ-साथ मरीजों के अनुभव को बेहतर बनाने और उपचार के बेहतर परिणाम हासिल करने में भी मदद कर सकती हैं।
दिल की धड़कनों की रिद्म संबंधी समस्याओं के इलाज में लगातार नई तकनीकें और बेहतर विकल्प उपलब्ध हो रहे हैं। आज डॉक्टरों के पास बीमारी की अधिक सटीक पहचान करने के लिए आधुनिक उपकरण हैं और इलाज के लिए लीडलेस पेसमेकर जैसे ऐसे विकल्प भी हैं, जिन्हें लगाने के लिए शरीर में कम हस्तक्षेप करना पड़ता है और जो सही मरीजों को अधिक आराम और सुविधा दे सकते हैं। लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात है समय रहते कदम उठाना। समय पर डॉक्टर से सलाह लेने से बीमारी की जल्द पहचान हो सकती है और आधुनिक उपचार का लाभ मिल सकता है, जिससे जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है और लंबे समय तक हृदय का स्वास्थ्य भी बेहतर बना रहता है। अंततः, जागरूकता और समय पर इलाज ही इन नई तकनीकों का पूरा लाभ उठाने का सबसे प्रभावी तरीका हैं।




