अहमदाबाद:/ फार्मास्युटिकल क्षेत्र में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (ईडीआईआई) और सीएसआईआर-सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीएसआईआर-सीडीआरआई), लखनऊ ने संयुक्त रूप से “टेक्नोलॉजी शोकेस एंड एडॉप्शन वर्कशॉप” का आयोजन किया। अहमदाबाद स्थित ईडीआईआई परिसर में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यशाला का उद्देश्य फार्मा एमएसएमई को अत्याधुनिक तकनीकों से परिचित कराना और उद्योग की चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान उपलब्ध कराना था।
कार्यक्रम में फॉर्म्युलेशन की गुणवत्ता, उत्पाद परीक्षण, नियामकीय अनुपालन और एडवांस्ड ड्रग डिलीवरी तकनीकों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान स्टार्टअप्स, उद्यमियों, शोधकर्ताओं, आर एंड डी विशेषज्ञों और गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़े पेशेवरों ने भाग लिया तथा सीएसआईआर-सीडीआरआई के वैज्ञानिकों से सीधे संवाद किया।
मुख्य अतिथि जे. पी. पटेल, संयुक्त आयुक्त, एफडीसीए गुजरात ने कहा कि तकनीक का वास्तविक महत्व तभी है जब उसे उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक समाधान के रूप में अपनाया जाए। उन्होंने इस कार्यशाला को उद्योग और शोध संस्थानों के बीच सेतु बनाने वाला प्रभावी मंच बताया।
डॉ. राधा रंगराजन, निदेशक, सीएसआईआर-सीडीआरआई ने कहा कि अनुसंधान आधारित तकनीकों को उद्योग तक पहुंचाना संस्थान की प्राथमिकता है, ताकि वास्तविक औद्योगिक समस्याओं के समाधान विकसित किए जा सकें।
ईडीआईआई के महानिदेशक डॉ. सुनील शुक्ला ने कहा कि उद्यमिता, तकनीकी नवाचार को आर्थिक मूल्य में बदलने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने बताया कि संस्थान तकनीक आधारित स्टार्टअप्स और एमएसएमई को इनक्यूबेशन, वित्तीय संसाधनों और विशेषज्ञ मार्गदर्शन से जोड़ने का कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम के दौरान सीएसआईआर-सीडीआरआई ने उद्योग हस्तांतरण के लिए तैयार चार फॉर्म्युलेशन तकनीकों का प्रदर्शन किया। साथ ही एपीआई, इंटरमीडिएट और कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े उद्योगों के लिए प्रोसेस केमिस्ट्री पर विशेष सत्र भी आयोजित किया गया। ईडीआईआई ने अपने इनक्यूबेशन और एंटरप्राइज सपोर्ट इकोसिस्टम, फंडिंग लिंकज तथा तकनीक अपनाने की प्रक्रियाओं की जानकारी भी प्रतिभागियों को प्रदान की।