जयपुर दिव्यराष्ट्र/ कोटक महिंद्रा ग्रुप की सीएसआर पहलों को लागू करने वाली शाखा, कोटक एजुकेशन फाउंडेशन (केईएफ) ने आज अपने “लाखों में एक” कैंपेन के तहत ‘कोटक कन्या स्कॉलरशिप 2026’ के शुभारंभ की घोषणा की। यह कैंपेन पूरे भारत में ऐसी मेधावी छात्राओं की तलाश के लिए शुरू की गई है, जिनकी काबिलियत को पहचान मिलनी चाहिए और आगे बढ़ने में उनकी मदद की जानी चाहिए, चाहे उनकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो। छठे साल में कदम रख चुका यह अभियान समाज के कमजोर तबके की होनहार बेटियों के लिए आगे की प्रोफेशनल पढ़ाई की राह आसान बना रहा है, ताकि वे बिना किसी आर्थिक रुकावट के अपने सपनों को पूरा कर सकें।
कोटक कन्या स्कॉलरशिप की शुरुआत साल 2021 में हुई थी जो अब तक 24 राज्यों की 1,525 बेटियों की जिंदगी संवार चुकी है, और 2026-27 के सत्र में 500 नई होनहार छात्राओं को इसमें जोड़ा जाएगा। आर्थिक मदद के अलावा, केईएफ इन छात्राओं के लिए विशेषज्ञों के मार्गदर्शन, करियर के लिए मूल्यवान सलाह, इंडस्ट्री को करीब से जानने का अवसर और व्यवहारिक प्रशिक्षण सत्रों के ज़रिये सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करता है। साथ ही, यह उनमें अधिक सूझबूझ के साथ सोचने की क्षमता, 21वीं सदी के ज़रूरी कौशल और प्रोफेशनल सेक्टर में काम के लिए ज़रूरी काबिलियत को भी बढ़ावा देता है।
इस अवसर पर कोटक महिंद्रा बैंक में ग्रुप सीएसआर की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट, रिधि भाटिया ने कहा, “शिक्षा लंबे समय तक समाज के विकास के सबसे बड़े साधनों में से एक है। हालांकि, आर्थिक तंगी की वजह से कई होनहार बेटियों के लिए आगे की प्रोफेशनल पढ़ाई के रास्ते में रुकावट आती है। कोटक कन्या स्कॉलरशिप के ज़रिए, हमारा यही प्रयास है कि देश की किसी बेटी का भविष्य उसकी आर्थिक हालात से नहीं, बल्कि उसकी मेहनत और उसके सपनों से तय हो, ताकि वह अपनी काबिलियत को पहचान सके और अपने परिवार और देश का नाम रोशन कर सके।”
कोटक एजुकेशन फाउंडेशन में स्कॉलरशिप प्रोग्राम की प्रमुख एवं एग्जीक्यूटिव कमिटी (ईसी) की सदस्य, आरती कौलगुड ने कहा, “कोटक कन्या स्कॉलरशिप की पहली शानदार कामयाबी का जश्न मनाते हुए, हमें अपनी स्कॉलरशिप पाने वाली बेटियों को समाज में सकारात्मक बदलाव लाते देख बेहद गर्व हो रहा है। दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों और भारत की नामी कंपनियों में शामिल होने से लेकर हमारी स्कॉलरशिप से डॉक्टर की पढ़ाई पूरी करने वाली पहली बेटी तक, वे सिर्फ अपने ही नहीं बल्कि अपने परिवारों के भी सपनों को सच कर रही हैं। उनकी इस कामयाबी ने हमें इस मौके को 500 और काबिल बेटियों तक पहुंचाने की प्रेरणा दी है। हमने सख़्त चयन प्रक्रिया के अलावा सर्वांगीण विकास पर जोर दिया है जिसकी वजह से आज यह सबसे प्रभावशाली छात्रवृत्ति कार्यक्रमों में से एक बन गया है। जिन क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी सामान्य तौर पर काम रही है, उनमें ज्यादा-से-ज्यादा बेटियों को करियर बनाने में मदद करके हम उन्हें बराबरी का दर्जा दिलाने में मदद कर रहे हैं। भारत की सबसे होनहार बेटियों से हमारी यही गुजारिश है कि वे आगे आकर इसके लिए आवेदन करें और बदलाव लाने वाली अगली पीढ़ी का हिस्सा बनें।”