
जयपुर, दिव्यराष्ट्र:/ फायर एंड सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएसएआई) ने शनिवार को राजस्थान के कांस्टीट्यूशन क्लब में इंडिया फायर एंड सिक्योरिटी यात्रा ( आईएफ़एसवाई) 2025 का जयपुर संस्करण आयोजित किया। इस आयोजन की विशेष थीम “अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा एवं सुरक्षा तैयारियां” थी।। इस कार्यक्रम में राजस्थान भर के स्वास्थ्य सेवा नेताओं, नीति-निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों और सुरक्षा पेशेवरों ने भाग लिया ताकि राज्य के अस्पतालों में अग्नि एवं सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने की बढ़ती जरूरत पर चर्चा की जा सके।
सेमिनार में अस्पताल मालिक, मुख्य अभियंता, आईटी विशेषज्ञ, सरकारी अधिकारी, अस्पताल वास्तुकार, एमईपी सलाहकार, सिस्टम इंटीग्रेटर, उत्पाद निर्माता तथा एफएसएआई के राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के सदस्यों ने भाग लिया। हाल ही में एसएमएस अस्पताल में हुई अग्नि दुर्घटना ने चर्चाओं को और भी प्रासंगिकता प्रदान की, जिससे स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर तैयारी, आधुनिक तकनीकों को अपनाने और सुरक्षा मानकों के पालन की तत्काल आवश्यकता उजागर हुई।
कार्यक्रम के बाद एफएसएआई जयपुर चैप्टर के अध्यक्ष अंकुर गुप्ता ने कहा, “इस सेमिनार ने स्वास्थ्य समुदाय में सार्थक गति पैदा की है। आज की चर्चाएं न केवल जानकारीपूर्ण रहीं बल्कि अस्पतालों के सामने आने वाली चुनौतियों पर गहन चिंतन भी कराती रहीं। इससे प्राप्त निष्कर्ष संस्थानों को अपनी आंतरिक प्रक्रियाओं पर पुनर्विचार करने और अग्नि एवं सुरक्षा तैयारियों के प्रति अधिक सक्रिय दृष्टिकोण अपनाने में मदद करेंगे। एफएसएआई स्वास्थ्य क्षेत्र में क्षमता निर्माण के लिए कटिबद्ध है। हमारा लक्ष्य हर अस्पताल को आपात स्थिति प्रभावी ढंग से संभालने हेतु आवश्यक ज्ञान और उपकरण उपलब्ध कराना है। एफएसएआई 2025 से प्राप्त शिक्षाएं इस मिशन को मजबूती देंगी।”
आईएफएसवाई 2025 के संयोजक अमित कक्कड़ ने कहा कि अस्पताल पेशेवरों की भागीदारी और प्रतिक्रिया असाधारण रही है। “सेमिनार में साझा किए गए तकनीकी मार्गदर्शन, विशेष रूप से कोड्स, विद्युत सुरक्षा और स्टाफ की जिम्मेदारियों पर, अस्पतालों को तत्काल एवं व्यावहारिक सुधार लागू करने में सहायता करेंगे।”
एफएसएआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वी. श्रीनिवास ने एफएसएआई के राष्ट्रीय महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जयपुर संस्करण यह दर्शाता है कि अस्पतालों के लिए दीर्घकालिक योजना में अग्नि सुरक्षा और सुरक्षा को एकीकृत करना कितना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यहां आदान-प्रदान हुए विचार राजस्थान में अधिक लचीली एवं भविष्य के लिए तैयार स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण में योगदान देंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक महेश्वरी के विशेष संबोधन से हुई, जिन्होंने नियमित सुरक्षा ऑडिट, स्टाफ की तैयारियों और राष्ट्रीय कोड्स ऑफ प्रैक्टिस के पालन के महत्व पर बल दिया। गुप्त वृंदावन धाम के उपाध्यक्ष प्रभु श्याम सुंदर दास द्वारा दी गई प्रेरक लाइफ स्किल सेशन में संकट के समय शांत, जिम्मेदार और समन्वित व्यवहार अपनाने की प्रेरणा दी गई।
आईएफएसवाई 2025 जयपुर का समापन सभी प्रतिभागियों एवं आयोजकों द्वारा क्षेत्र के अस्पतालों में अग्नि एवं सुरक्षा तैयारियों को आगे बढ़ाने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। एफएसएआई ने घोषणा की कि सेमिनार से प्राप्त अंतर्दृष्टियां आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों के लिए आधार बनेंगी, जिससे राजस्थान का स्वास्थ्य सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र और मजबूत होगा।
एफएसएआई के बारे में*
फायर एंड सिक्योरिटी एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एफएसएआई) भारत में अग्नि सुरक्षा, सुरक्षा और क्षति निवारण को बढ़ावा देने वाली प्रमुख राष्ट्रीय संस्था है। सन् 2002 में स्थापित एफएसएआई अग्नि पेशेवरों, सुरक्षा विशेषज्ञों, वास्तुकारों, इंजीनियारों, सिस्टम इंटीग्रेटरों, निर्माताओं, सलाहकारों और सरकारी प्रतिनिधियों के विविध समुदाय को एक मंच पर लाती है। देश भर में अपने मजबूत चैप्टर नेटवर्क के साथ एफएसएआई प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कोड विकास, उद्योग सहयोग, जागरूकता अभियानों और तकनीकी पहलों के माध्यम से सुरक्षा मानकों को ऊंचा उठाने का कार्य करती है।




