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फ्लिक्सबस ने भारत में लॉन्च की बस सेवा

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नई दिल्ली: दुनिया के 42 देशों में सबसे बड़ा बस नेटवर्क ऑफर करने वाले एक ग्लोबल ट्रैवल-टेक लीडर फ्लिक्सबस ने भारत में अपने आने की घोषणा कर दी है कंपनी वादा करती है कि वह दुनिया के दूसरे सबसे बड़े बस बाजार में सुविधाजनक यात्रा प्रतिस्पर्धी मूल्य और सर्वोत्तम सुरक्षा मानकों के साथ इंटरसिटी ट्रैवल में क्रांति ला देगी. फ्लिक्सबस के इस देश में आते ही हजारों भारतीयों के लिए अब बहुत सारे सुविधाजनक, सुरक्षित और विश्वसनीय यात्रा विकल्प उपलब्ध हैं. इस सेवा में नई दिल्ली, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच शहरों और रास्तों को जोड़ा गया है.

भारत में अपनी सर्विस लॉन्च करने पर फ्लिक्स के सीईओ आंद्रे श्वामलीन ने कहा हमें यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि हम भारत में अपना बिजनेस फैला रहे हैं. यह एक बड़ा कदम है, जिसके तहत हम 43वें देश में पहुंच चुके हैं, जो दुनिया में एक बड़ा बस मार्केट भी है. भारतीय बाजार में प्रवेश हमारे लिए एक बड़ा अवसर है, जो आकांक्षा और महत्वपूर्ण संभावना की मान्यता के साथ भरा हुआ है, जिसमें भारत में मोबिलिटी लैंडस्केप को बदलने की ताकत है. हमारा मिशन पूरी तरह से उन लक्ष्यों के साथ मेल खाता है जो भारत कोशिश कर रहा है सभी के लिए सस्टेनेबल, सुरक्षित और किफायती ट्रैवल विकल्प. इस सेवा की भारत में बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए हम जिन भी जगहों पर ऑपरेट कर रहे हैं, वहां क्वालिटी और सुरक्षा के साथ ग्राहकों को शानदार अनुभव देने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

फ्लिक्सबस इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर सूर्या खुराना कहते हैं हम भारत में अपनी सेवाएं शुरू करने को लेकर बहुत ही उत्साहित हैं. सुरक्षित, आरामदायक और किफायती यात्राओं के प्रति हमारी प्रतिबद्धता हमें तमाम गंतव्यों की खोज करने वाले लाखों लोगों के लिए एक वैश्विक पसंद बनाती है. हमारी सफलता लोकल ऑपरेटर्स के साथ कोलेबोरेशन, ग्रोथ के ऑप्टिमाइजेशन और दक्षता में निहित है. हम शहरों में भीड़भाड़ और उत्सर्जन को कम करने के लिए साझा गतिशीलता का समर्थन करते हैं. हम भारतीय इंटरसिटी यात्रा क्षेत्र में बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं. हम निर्बाध, विश्वसनीय और किफायती इंटरसिटी ट्रांसपोर्ट के लिए वैश्विक मानक स्थापित करने का नेतृत्व करने के लिए बेहद उत्साहित हैं.

भारत और भूटान के जर्मन संघ के अंबेसडर डॉ. फिलिप एकरमैन ने कहा जर्मनी का मुख्य ट्रांसपोर्टेशन फ्लिक्सबस भारत में आ रहा है! मैं मानता हूं कि यह दोनों ही देशों के लिए एक बड़ा मौका है. दोनों सरकारें एक हरित और सतत विकास साझेदारी के तहत काम कर रही हैं, ताकि भारत के एनर्जी सेक्टर को आधुनिक बनाया जा सके और इसके तहत कई अन्य सेक्टर्स में कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन को कम किया जा सके, जिसमें परिवहन भी शामिल है. एक निजी कंपनी जिसका बिजनेस मॉडल एक सतत परिवहन है और कार्बन डाई ऑक्साइड के उत्सर्जन को कम करना जिसके डीएनए का हिस्सा है, यह बहुत ही प्रेरणादायक है. परिवहन क्षेत्र के उत्सर्जन को कम करने के लिए सामूहिक यात्रा को मजबूत करना एक वैश्विक प्रयास है, जिसके लिए जर्मनी और भारत दोनों ही सरकारों के साथ-साथ समाज और इंडस्ट्री को भी काम करने की जरूरत है. बस यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना और हर किसी की पहुंच वाला बनाना सामूहिक परिवहन की आकर्षणशीलता को बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है.

फ्लिक्सबस इंडिया के लिए टिकट आज 1 फरवरी से लोगों के लिए उपलब्ध हैं. इसके पहले रूट 6 फरवरी से 99 रुपये के एक स्पेशल लॉन्च प्राइस के साथ शुरू हो रहे हैं, जो दिल्ली को अयोध्या, चंडीगढ़, जयपुर, मनाली, हरिद्वार, ऋषिकेश, अजमेर, कटरा, देहरादून, गोरखपुर, वाराणसी, जोधपुर, धर्मशाला, लखनऊ और अमृतसर से जोड़ते हैं. इन रास्तों पर 59 स्टॉप होंगे और 200 से भी ज्यादा कनेक्शन होंगे.

स्थानीय बस चालकों के साथ रणनीतिक सहयोग के साथ फ्लिक्सबस अपने टेक प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहा है ताकि वह अपने पार्टनर्स के बिजनेस ऑपरेशन को बढ़ाने में मदद कर सके. नेटवर्क प्लानिंग, रेवेन्यू मैनेजमेंट और यील्ड ऑप्टिमाइजेशन में मुख्य भूमिका निभाते हुए, फ्लिक्सबस यात्रियों और ऑपरेटर्स के लिए एक बेहतर और आरामदायक यात्रा का अनुभव सुनिश्चित करता है. यह सब क्वालिटी, सुरक्षा, कनसिस्टेंसी और ग्राहकों को बेहतरीन ग्राहक अनुभव की प्रतिबद्धता के जरिए होता है. इसके अलावा, फ्लिक्सबस एक्सक्लूसिव तौर पर बीएस6 इंजन वाले प्रीमियम बस मॉडल के साथ काम कर रहा है. यह प्रदूषण कम करने को लेकर बने कड़े नियमों का पालन करता है और पर्यावरणीय संवेदनशीलता के प्रति समर्पण का मजबूती से समर्थन करता है.

कंपनी का यात्री सुरक्षा के लिए अटल समर्पण तमाम इनोवेटिव उपायों के जरिए स्पष्ट है, जिन्हें वह भारतीय बाजार में भी लागू करना चाहती है. इसमें कुछ खासियते हैं, जिनमें लिंग के आधार पर सीट देना भी शामिल है, जिसके तहत महिलाओं के पास की जो सीट होती है, उसे भी किसी दूसरी महिला के लिए ऑटोमेटिक तरीके से रिजर्व कर दिया जाता है. इसके अलवा 24×7 रेस्पॉन्स करने वाली टीम, ट्रैफिक कंट्रोल वार्ड, सभी सीटों के लिए 2-प्वाइंट सीट बेल्ट्स और स्पेशल फ्लिक्सबस लाउंजेस जैसी सुविधाएं भी इसमें शामिल हैं. ये सुविधाएं इस इंडस्ट्री में सुरक्षा के लिए नए मानक स्थापित करती हैं.

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