NIA के कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने कहा— आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैयारी को मिलेगा नया विस्तार।
जयपुर/पंचकूला, दिव्यराष्ट्र:/ आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत संचालित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान मानद विश्वविद्यालय, जयपुर के शैक्षणिक विस्तार की दिशा में दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां जुड़ी हैं। संस्थान के पंचकूला (हरियाणा) स्थित ऑफ-कैंपस परिसर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से आयुर्वेद के 14 नए स्नातकोत्तर (PG) डिग्री पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (NCISM) ने 70 सीटों की अनुमति प्रदान की है। वहीं, जयपुर स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान में पहली बार बैचलर ऑफ फार्मेसी (आयुर्वेद) यानी बी.फार्मा (आयु) पाठ्यक्रम में 20 सीटों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू की गई है।
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर के कुलपति प्रो. संजीव शर्मा ने इन उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान का जयपुर से पंचकूला तक शैक्षणिक विस्तार आयुर्वेद शिक्षा के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हमारा प्रयास है कि विद्यार्थियों को आयुर्वेद के पारंपरिक ज्ञान के साथ आधुनिक शैक्षणिक एवं अनुसंधान सुविधाओं से युक्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाए। पंचकूला परिसर में 14 नए पीजी पाठ्यक्रमों के लिए 70 सीटों की स्वीकृति से आयुर्वेद के विभिन्न विशेषज्ञता क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे। वहीं, जयपुर में पहली बार बी.फार्मा (आयुर्वेद) पाठ्यक्रम शुरू होने से विद्यार्थियों के लिए आयुर्वेद फार्मेसी शिक्षा का नया मार्ग खुलेगा। ये पहलें आयुर्वेद शिक्षा, अनुसंधान और विशेषज्ञ मानव संसाधन के विकास को प्रोत्साहित करेंगी।
एन सी आई एआई एम ने राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला को शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 14 नए स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने की अनुमति दी है। इन पाठ्यक्रमों में आयुर्वेद संहिता एवं सिद्धांत, रचना शरीर, क्रिया शरीर, द्रव्यगुण विज्ञान, रसशास्त्र एवं भैषज्य कल्पना, रोग निदान एवं विकृति विज्ञान, अगद तंत्र, स्वस्थवृत्त एवं योग, कौमारभृत्य (बाल रोग), कायचिकित्सा, पंचकर्म, स्त्री रोग एवं प्रसूति तंत्र, शल्य तंत्र तथा शालाक्य तंत्र शामिल हैं।
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला में पहले से ही बीएएमएस पाठ्यक्रम की 100 सीटों पर आयुर्वेद की शिक्षा प्रदान की जा रही है। यहां विद्यार्थियों को आयुर्वेद शिक्षा के साथ-साथ मरीजों को चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। संस्थान के अस्पताल में जयपुर स्थित राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान की तर्ज पर ओपीडी (बाह्य रोगी विभाग) और आईपीडी (अंतरंग रोगी विभाग) की सुविधाएं उपलब्ध हैं।
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, जयपुर में बीएएमएस, स्नातकोत्तर (पीजी), पीएचडी और नर्सिंग सहित विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रम संचालित हैं। अब बी.फार्मा (आयुर्वेद) की शुरुआत से संस्थान के शैक्षणिक कार्यक्रमों में एक नया आयाम जुड़ा है। दूसरी ओर, पंचकूला परिसर में 14 नए पीजी पाठ्यक्रमों की अनुमति से आयुर्वेद के विभिन्न विषयों में उच्च शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे।
जयपुर में पहली बार बी.फार्मा (आयुर्वेद), 20 सीटों पर प्रवेश
राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान,मानद विश्वविद्यालय, जयपुर में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पहली बार चार वर्षीय बैचलर ऑफ फार्मेसी (आयुर्वेद) पाठ्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इसके लिए प्रथम वर्ष में 20 सीटें निर्धारित की गई हैं।
इस पाठ्यक्रम में प्रवेश संस्थान द्वारा आयोजित वस्तुनिष्ठ लिखित प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होगा। शिक्षण का माध्यम हिंदी एवं अंग्रेजी रहेगा। प्रवेश अधिसूचना के अनुसार आवेदन की अंतिम तिथि 23 अक्टूबर 2026, प्रवेश परीक्षा 15 नवंबर 2026 तथा शैक्षणिक सत्र की शुरुआत 1 दिसंबर 2026 निर्धारित है।