
गोयनका परिवार ने ‘ईडीआईआई-अहमदाबाद’ के साथ समझौता किया
मुंबई, दिव्यराष्ट्र:/ एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन डॉ.सुभाष चंद्रा और उनके भाइयों लक्ष्मी नारायण गोयल, जवाहर गोयल एवं अशोक गोयल ने अपने स्व. पिता नंद किशोर गोयनका की विरासत को एक स्थायी सम्मान देने के लिए अग्रोहा, हिसार में नंद किशोर गोयनका यूनिवर्सिटी’ की स्थापना करने की घोषणा की है। स्व. नंद किशोर गोयनका जी का 13 जुलाई 2026 को 96 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हुआ। वे अपनी विनम्रता, उदारता और जनकल्याण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के लिए व्यापक रूप से सम्मानित थे। समाज में अपने योगदान के माध्यम से उन्होंने सेवा और करुणा के मूल्यों को बढ़ावा दिया, और अपने परोपकारी कार्यों व मार्गदर्शन से अनगिनत जीवनों को प्रभावित किया।
यह शैक्षणिक संस्थान गोयनका परिवार की अपनी 32 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा, जिसमें करीब 100 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। सामाजिक सेवा और जनकल्याण पर केंद्रित इस विश्वविद्यालय को एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (उत्कृष्टता केंद्र) के रूप में तैयार किया गया है, जो स्वर्गीय नंद किशोर गोयनका के सामाजिक कार्यों के प्रति आजीवन जुड़ाव को आगे बढ़ाएगा। यह विश्वविद्यालय ‘सामाजिक सेवा’ और ‘समाज को वापस लौटाने’ पर आधारित एक विशेष और अनोखा पाठ्यक्रम शुरू करेगा। इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए गोयनका परिवार ने एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (ईडीआईआई), अहमदाबाद के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गोयनका परिवार को एक हार्दिक पत्र लिखा प्रधानमंत्री ने लिखा है,“उन्होंने न केवल व्यावसायिक परंपराओं को समृद्ध किया, बल्कि समाज के प्रति अपने दायित्वों का भी पूरी निष्ठा से निर्वहन किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सेवा, संगठन व ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से प्रेरित उनका जीवन सादगी और लोक कल्याण की भावना का उदाहरण रहा। यह मेरा सौभाग्य रहा है कि मुझे उनसे कई बार मिलने का अवसर मिला और उनका आत्मीय व्यवहार सदैव मेरी स्मृति में रहेगा। उनका जाना समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है। नंद किशोर गोयनका आज हमारे बीच नहीं हैं पर उनका भरपूर जीवन आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करेगा। उनका स्नेह, स्मृतियां व शिक्षाएं सदैव परिवार के साथ रहेंगी।”
देश भर से विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों ने स्व. नंद किशोर गोयनका की विरासत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महाराष्ट्र के माननीय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और हरियाणा के माननीय मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित कई राजनीतिक नेताओं और योग गुरु बाबा रामदेव ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। इसके साथ ही, कुमार मंगलम बिड़ला और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के एमडी और सीईओ सुंदर रमन राममूर्ति सहित देश की जानी-मानी व्यावसायिक हस्तियों ने भी शोक प्रकट किया।



